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तनाव में कंट्रोलर, लोगों की जान खतरे में

Sun, 22 Sep 2013 12:40 AM IST
अंबाला
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अंबाला में रेलवे में की महत्वपूर्ण शाखा रेल कंट्रोल विंग में ट्रेनों को नियंत्रित करने वाले कंट्रोलर बीमार हो रहे हैं। कर्मचारियों पर लगातार स्ट्रेस बढ़ने के कारण उन पर तनाव हावी हो रहा है।
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मामला गंभीर होने पर अब ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर एसोसिएशन ने रेलवे मंत्रालय के समक्ष मामले को प्रमुखता से रखा है।

विंग पर है बड़ी जिम्मेदारी
रेलवे का यह विंग इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रेलवे की एक बड़ी जिम्मेदारी इसी विंग पर है। रेल कंट्रोलर स्टेशन पर आने, रुकने और गुजरने वाली ट्रेनों की वर्तमान लोकेशन एक रेलवे स्टेशन से लेते हैं। उस लोकेशन की टाइमिंग के साथ ग्राफिक्स की जाती है और बाद में रेल गाड़ियों की सूचना अगले स्टेशन पर दी जाती है।

 आगे ट्रैफिक क्लीयर है या नहीं?, कहां ट्रेनों को रुकना है?, कहां ट्रेनों को ट्रेक क्लीयर का संदेश देना है, कहां ट्रेनें पूरी रफ्तार से चलेंगी और कहां धीमी चलेंगी इत्यादि गतिविधियों को ट्रेन कंट्रोलर ही हैंडल करते हैं।
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इसलिए ट्रेन संचालन को खतरा
ट्रेनों के कंट्रोल की यह विंग ऑपरेटिंग शाखा के अंतर्गत ही आती है। इसलिए ट्रेनों की हर एक्टिविटी पर विंग ध्यान रखती और ट्रेनों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

लेकिन यदि विंग में काम करने वाले कर्मचारी इसी तरह तनाव की स्थिति में रहे और तनावग्रस्त होकर ट्रेनों का कंट्रोल करते रहे तो कभी भी किसी भी रेल परिचालन से जुड़ी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
आल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर एसोसिएशन के ऑल इंडिया महासचिव अनिल भारदा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इस वक्त रेलवे में ट्रेन कंट्रोलर बहुत ज्यादा मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं।

ऐसे में यदि कोई बड़ा रेल हादसा हो गया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? अनिल भारदा के अनुसार उनकी एसोसिएशन ने अब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए रेलवे मंत्रालय में रेल मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने ट्रेन कंट्रोलर का कार्य करने का समय छह घंटे करने, कुशल स्टाफ बढ़ाने और स्ट्रेस अलाउंस बेसिक सेलरी का 40 प्रतिशत बढ़ाने की मांग उठाई है।

भारदा ने बताया कि वैसे ही ट्रेन कंट्रोलर स्ट्रेस से बीमार हो रहे हैं और ऊपर से रेलवे के आला अफसर फिल्ड में कार्यरत मेडिकल अनफिट कर्मचारियों को भी अब ट्रेन कंट्रोल विंग में भेज रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की एंट्री ट्रेन कंट्रोलर विंग में बंद करने के लिए भी रेलवे मंत्रालय को लिखा गया है।

उनके अनुसार रेल कंट्रोलर विंग में आरआरबी के माध्यम ही से सक्षम कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। क्योंकि ऐसी स्थिति में किसी भी बड़ी रेल हादसे की आशंका से कतई इनकार नहीं किया जा सकता।
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