अंबाला कैंट। नेशनल हाईवे नंबर 444-ए का बड़ा हिस्सा अंबाला क्षेत्र खासकर अंबाला कैंट से होकर गुजरता है। लेकिन इस वक्त ये हाइवे जानलेवा बना हुआ है, खासकर अंबाला कैंट के कैपिटल चौक से लेकर महेशनगर इलाके तक करीबन चार किलोमीटर का सफर तो बहुत ही ज्यादा जोखिमभरा है। बढ़ते ट्रैफिक और तंगहाल होती जा रही इस सड़क पर अमूमन हादसे हो रहे हैं और हादसे भी जानलेवा। दूसरी ओर, जाम तो नेशनल हाइवे के इस हिस्से में आम हो गया है।
इसी को देखते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री व कैंट के विधायक अनिल विज ने इस हाइवे पर पीडब्यूडी बीएंडआर विभाग को ट्रैफिक रश मैनेजमेंट के आदेश दे दिए हैं। हालांकि ये हिस्सा पहले ही सिक्सलेनिंग के लिए प्रस्तावित है। लेकिन अब इसके साथ-साथ इस हाइवे का अलग ढंग से ट्रैफिक रश मैनेजमेंट तैयार किया जाएगा।
कई सालों से लटका सिक्सलेनिंग प्रोजेक्ट
हालांकि कैंट क्षेत्र से गुजरने वाले इस हाईवे पर बढ़ रहे खतरे के मद्देनजर करीबन तीन साल पहले इस सड़क को स्टेशन से टांगरी नदी तक सिक्सलेन करने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। लेकिन आज तक ये योजना सिरे ही नहीं चढ़ी है। ये योजना आज भी फाइलों में ही उलझी टेबल-दर-टेबल टरकती जा रही है। लेकिन हाइवे पर सिक्सलेनिंग का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जिस वजह से इस हाइवे के हालात जस के तस बने हुए हैं।
अब इस तरह नया प्रस्ताव
कैंट विधायक व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संबंधित विभाग के अफसरों को निर्देश दिया है कि वे इस हाइवे का जोखिम, हादसों का खतरा और जाम तीनों समस्याओं का निदान चाहते हैं। इसके लिए इस हाइवे पर दो नए फ्लाईओवर अंडर ब्रिज व एक सर्विस लेन तैयार करने की योजना प्रस्तावित है।
पहला अंडरब्रिज इस हाइवे पर कैंट के कैपिटल चौक व सिविल अस्पताल चौक के बीच बनाया जाएगा और दूसरा अंडर ब्रिज सिविल अस्पताल चौक व महेशनगर चौक के बीच तैयार होगा। इसके अतिरिक्त हाइवे को सिक्सलेनिंग करने के बाद सड़क के दोनों ओर जहां-जहां और जितने-जितने हिस्से में संभव हो, सर्विस लेन तैयार की जाएंगें, जिसकी कनेक्टिविटी बीच-बीच में हाइवे से होती रहेगी। इससे न केवल हाइवे का ट्रैफिक डाइवर्ट हो जाएगा, बल्कि स्कूली छात्रों व लोकर बाशिंदों को अपनी आवाजाही के लिए अलग सर्विस रोड मिल जाएगी।
इस बारे में सहायता सदन समिति कई प्रपत्र सीएम, पीएम व गर्वनर तक को भेज चुकी है। इस हाइवे पर ट्रैफिक रश मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। अब यदि स्वास्थ्य मंत्री विज ने इस ओर योजना तैयार करवा रहे हैं, तो ये बहुत अच्छी बात है।
-चंद्र दुग्गल, समाज सेवी
इस हाइवे के इस हिस्से पर चलना ही बहुत जोखिम भरा है। आप आराम से दोपहिया वाहन पर चल रहे हैं और अचानक आपके पास से तेज गति से भारी चौपहिया वाहन गुजर जाता है। ऐसे में आप लड़खड़ा जाते हैं और रूह कांप जाती है। उसी वक्त यदि लड़खड़ाहट में वाहन टकरा गया तो समझो जान चली जाती है।
-अश्वनी सालवान, समाज सेवी