- आरटीए ने कहा- चार बार एनएचएआई को लिख चुके हैं पत्र, अब परिवहन मंत्री के पास जाने की तैयारी
वैभव शर्मा
अंबाला। ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के दावों की पोल प्रशासनिक खींचतान ने खोल दी है। सड़कों को तहस-नहस करने वाले ओवरलोड वाहनों की जानकारी देने से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने साफ इन्कार कर दिया है। स्थिति यह है कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) विभाग छह महीनों से टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहनों का डाटा मांग रहा है, लेकिन एनएचएआई और टोल संचालक कंपनियां चुप बैठी हैं। अब मामला परिवहन मंत्री के दरबार तक पहुंचने की तैयारी है।
टोल प्लाजा पर वाहनों के वे मोशन सिस्टम यानि वजन की सेंसर से वजन करने की स्वचालित व्यवस्था होती है, जिससे गुजरने वाले हर वाहन का सटीक वजन सिस्टम में दर्ज हो जाता है। आरटीए विभाग ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए इसी डाटा का इंतजार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, छह महीनों में आरटीए की ओर से तीन से चार बार पत्र और रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन एनएचएआई के स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। अंबाला में चार टोल हैं।
ओवरलोड वाहनों पर हम खुद करेंगे कार्रवाई : एनएचएआई
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वे टोल का डाटा साझा नहीं कर सकते, क्योंकि नियमों के तहत उन्हें खुद ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने का अधिकार है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एनएचएआई खुद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है, तो वह राज्य परिवहन विभाग (आरटीए) को भी यह डेटा क्यों नहीं दे रहा। इस दोतरफा खींचतान के बीच ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से सड़कों से गुजर रहे हैं और सरकार को राजस्व के साथ-साथ सड़कों के रख-रखाव में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पर्याप्त कार्रवाई नहीं
डाटा के अभाव में आरटीए सड़कों पर उतरकर भी पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, जिससे ओवरलोडिंग करने वालों के हौसले बुलंद हैं। जानकारी मिली है कि विभागीय स्तर पर अनबन बढ़ने के बाद अब आरटीए मामले को हरियाणा के परिवहन मंत्री के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है, ताकि उच्च स्तर पर हस्तक्षेप कर एनएचएआई और टोल कंपनियों पर नकेल कसी जा सके।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए थे निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक में ओवरलोडिंग और टोल प्लाजा पर वाहनों के वजन से जुड़े आंकड़े और स्थिति सामने आई है। टोल प्लाजा पर मोशन में वाहनों का वजन मापने वाले सिस्टम को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए गए हैं, जो कि अभी तक लंबित स्थिति में थे। एनएचएआई को यह निर्देश दिया गया है कि वह ओवरलोड वाहनों की दैनिक रिपोर्ट हर रोज सुबह 10 बजे तक आरटीए अंबाला के साथ अनिवार्य रूप से साझा करे।
एनएचएआई से अभी तक वाहनों के वहन से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की गई है। तीन से चार बार उन्हें पत्र लिख दिया गया है, मगर जानकारी नहीं मिली है। इस मामले को उच्च पटल पर रखा जाएगा। यह जानकारी मिलती तो ओवरलोड वाहनों पर और अच्छे से कार्रवाई हो सकती थी।
- सुशील कुमार, सचिव, आरटीए