अंबाला। खुड्डा कलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से मंगलवार को विज्ञान संकाय खत्म करने का परिजनों ने विरोध जताया है। परिजनों का आरोप है इस निर्णय से छात्रों की दिक्कत बढ़ गई है। स्कूल से जुड़े गांवों के लोगों ने मामले को लेकर कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी से भी मुलाकात की है। फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। प्रिंसिपल वत्सला शर्मा ने कहा कि वे खुद नहीं चाहती कि उनके स्कूल से विज्ञान संकाय खत्म हो। डीईओ से लेकर वे कई शिक्षा अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह कर चुकी हैं।
11 छात्रों को तुरंत सपेहड़ा जाने के आदेश
खुड्डा कलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में इस समय नॉन मेडिकल के 11 छात्र हैं। यहां विज्ञान संकाय समाप्त होने के बाद इन छात्रों को तुरंत प्रभाव से सपेहड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिफ्ट होने के आदेश दिए हैं। छात्रों के लिए बड़ी दिक्कत स्कूल की दूरी को लेकर है। खुड्डा से सपेहड़ा स्कूल के बीच दूरी करीब साढ़े तीन किलोमीटर है। ऐसे में उन छात्रों की मुश्किल बढ़ गई जोकि दूसरे गांवों से खुड्डा में पढ़ने के लिए आते हैं। इन छात्रों को अब आठ से दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। रिजल्ट व व्यवस्थाओं के लिहाज से भी छात्र व उनके परिजन खुड्डा स्कूल को बेहतर बता रहे हैं। इसी वजह से ये छात्र दूसरे स्कूल में शिफ्ट नहीं होना चाहते। परिजनों की ओर से इस सिलसिले में सीएम मनोहर लाल, सांसद नायब सैनी व शिक्षा अधिकारियों को भी लेटर भेजा है।
खुड्डा स्कूल में विज्ञान का परिणाम बेहद शानदार है। मैं खुद नहीं चाहती कि विज्ञान संकाय यहां से शिफ्ट हो। शिक्षा अधिकारियों से मैंने आग्रह किया है। शिफ्टिंग न रुकने से छात्रों की दिक्कत तो बढ़ना लाजिमी है। फिर भी मैं कोशिश कर रही हूं। बच्चों के परिजन भी अपने स्तर पर जोर लगा रहे हैं। - वत्सला शर्मा, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, खुड्डा कलां