एक कथित फाइनेंस कंपनी ने लोगों के साथ लोन के नाम पर ठगी का ऐसा खेल खेला कि झांसे में आए लोगों ने हजारों रुपये इन कंपनी प्रतिनिधियों को थमा दिए। कंपनी प्रतिनिधियों के दावों पर यकीन कर यह लोग अपने खातों में लोन की राशि जमा होने का इंतजार करते रहे। इस ठगी का शिकार हुए लोग दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, जबकि आफिस पर ताला लटका है। इसी को लेकर लोगों ने अब पुलिस में शिकायत दी है।
यह है मामला
नारायणगढ़ मेें कुछ दिनों पहले एक फाइनेंस कंपनी ने अपना कार्यालय खोला। इस कंपनी के प्रतिनिधियों ने नारायणगढ़, शहजादपुर के गांवों में लोगों से मिलकर अपनी स्कीम के बारे में बताना शुरू किया। इन प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कुछ लोगों का ग्रुप बनाकर प्रति मेंबर को एक निश्चित राशि बतौर लोन उपलब्ध करवाएंगे। इसके साथ ही मेंबर का बीमा होगा, जबकि इसके लिए प्रति मेंबर 1870 रुपये की राशि देनी होगी। इन प्रतिनिधियों ने अपना ऐसा जाल बिछाया कि धीरे-धीरे सैकड़ों लोग इन कंपनी के झांसे में आ गए और मांगी गई राशि कंपनी प्रतिनिधियों को थमा दी। इसी तरह से इन लोगों ने सैकड़ों लोगों से यह राशि इकट्ठा कर ली और कहा कि उनके खाते में तय तिथि को लोन की राशि जमा करवा दी जाएगी।
इस तरह से खुला खेल
कंपनी के झांसे में आए शाहपुर की प्रवीण कौर, कुलदीप, कोड़ी देवी, सर्वजीत कौर, रीटा, अंजू, स्वर्णा, अंजू, ममता, बेबी, कमलेश, गांव बरौली की संतोष, रेणु, निशा, सोनिया, ऋतु, कविता, रीटा आदि ने बताया कि वो मेहनत मजदूरी व अपना घरेलू काम करती हैं। उन्होंने बताया कि 11 मई को उनके गांव में कुछ व्यक्ति आए जिन्होंने अपनी कंपनी के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी पचास हजार रुपये का लोन देगी, बशर्ते आपको अपनी कमेटी बनानी होगी। इसमें उन्होंने हमारे गांव से कमेटी बनाई और 1870 रुपये हमें देने को कहा। उन्होंने बताया कि इस 1870 रुपये में आपका एक हजार बीस रुपये का बीमा व 850 रुपये फाइल चार्ज के होंगे, जबकि 15 मई को आवेदकों के खाते में 50,000 हजार रुपये की राशि जमा हो जाएगी। इसकी एवज में इन कंपनी प्रतिनिधियों ने पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी ली, जबकि उनके दो फोटो भी हासिल किए। इसके बाद जब तय तिथि को यह राशि उनके खातों में नहीं आई, तो वे सभी कंपनी के कार्यालय पहुंचे, जहां पर ताला लगा है, जबकि कंपनी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी बंद हैं।
कई गांवों में बिछाया है जाल
बताया जाता है कि इस कंपनी के नाम पर कर्मचारियों ने कईं गांवों में अपना जाल बिछाया हुआ है। रजिस्ट्रेशन के नाम पर खेले गए खेल में यह कंपनी लाखों रुपये एकत्रित कर चुकी है, जबकि लोन के लिए कंपनी के जरिये आवेदन करने वाले सैकड़ों लोग भटक रहे हैं। बताया जाता है कि एक सोची समझी साजिश के तहत यह सारा खेल खेला गया है, जबकि अब आवेदक इधर उधर भटक रहे हैं।
जांच की जा रही है
लोन के नाम पर की गई ठगी को लेकर पुलिस के पास शिकायत आई है। इस शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि कार्यालय व कंपनी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जांच शुरू है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमर सिंह, एएसआई, नारायणगढ़ थाना।