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दंपति के कत्ल में दंपति समेत तीन को उम्रकैद

Tue, 11 Feb 2014 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
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तीन साल पहले पति जीत सिंह व पत्नी नीना को गोलियों से छलनी करने के आरोप में अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिए एक दंपति और महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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इस मामले में दो अन्य आरोपियों जितेंद्र और तेजेंद्र को अदालत ने बरी कर दिया है। इन दोनों पर हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोप था, लेकिन अदालत को इनके खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इस वजह से अदालत ने दोनों को बरी कर दिया है।

सोते पति, फिर बाहर से आती पत्नी पर चलाई थी गोलियां
अंबाला शहर डीडब्ल्यूएस कालोनी में अप्रैल 2011 में सनसनीखेज घटना सामने आई थी। मृत जीत सिंह के बेटे नीरज सिंह ने बताया कि उनके पिता और माता को अंबाला शहर निवासी रमेश खुराना, उसकी पत्नी प्रवीण उर्फ वीना और बहन बाला ने मिलकर गोलियों से छलनी कर दिया था।
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उसने बताया कि उस दिन उनके पिता घर पर सो रहे थे और मां उसकी बहन को स्कूल छोड़ने के लिए गई हुई थी। तभी आरोपी घर में घुसे और उन्होंने पहले उनके सोते पिता को गोलियों से छलनी कर दिया और फिर बहन को स्कूल छोड़ने के बाद घर वापस आ रही मां नीना को भी गोलियां मार दीं।

दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मरने से पहले पुलिस को अपना बयान दे दिया था। दोनों की हत्या के बाद पुलिस ने रमेश खुराना, उसकी पत्नी और बहन को हत्या के आरोप में व दो भांजों जितेंद्र और तेजिंद्र को हत्याकांड की साजिश में शामिल होने के आरोप में केस दर्ज कर लिया था।


संपत्ति विवाद ने ली थी दंपति की जान
हत्याकांड की वजह संपत्ति विवाद था। नीरज सिंह ने बताया कि उनका एक मकान था, जो रमेश खुराना से लिया था। उनके पिता ने मकान के रकम की अदायगी रमेश खुराना को कर दी थी, मगर वह मकान उनके पिता के नाम नहीं करवा रहा था। इसी बात को लेकर काफी समय से दोनों परिवारों में रंजिश बनी हुई थी, जिसका दर्दनाक अंत हुआ।


कभी अच्छे दोस्त थे जीत और रमेश
जीत सिंह और रमेश खुराना कभी बहुत अच्छे दोस्त थे। काफी सालों से दोनों परिवारों में बढ़िया संबंध थे और एक-दूसरे के घरों में आना-जाना भी था। दोनों परिवार एक-दूसरे के पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शिरकत किया करते थे, लेकिन एक संपत्ति के विवाद ने दोनों परिवारों को धीरे-धीरे एक-दूसरे का दुश्मन बना दिया और मामला हत्या तक पहुंच गया।

इस मामले में अदालत ने जीत सिंह और नीना की हत्या करने वाले रमेश, उसकी पत्नी और बहन को तो उम्रकैद की सजा सुना दी, जबकि रमेश के दोनों भांजों जितेंद्र और तेजेंद्र को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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