संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकार से फंड न मिलने के कारण अंबाला छावनी के लोगों से जुड़ी 164 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाएं अटक गई हैं।
इन परियोजनाओं में नगर परिषद का अपना कार्यालय भी शामिल है, जहां आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इमारत का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा छावनी के अलग-अलग क्षेत्रों में खुली डेयरियों को एक ही छत के नीचे करधान गांव के डेयरी कांम्प्लेक्स में स्थानांतरण की योजना भी धरातल पर नहीं उतर पाई, वहीं छावनी के ग्वालमंडी को गोबर मुक्त करना और सौंदर्यीकरण के तहत बनाए जाने वाला शॉपिंग कांम्प्लेक्स अभी कागजों में ही फंसा हुआ है।
नगर परिषद की नई इमारत : नगर परिषद की आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इमारत का निर्माण 78 करोड़ की लागत से किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा नियुक्त किए गए सलाहकार ने अपनी रिपोर्ट कार्यकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। अब इमारत के निर्माण को बनाने के लिए फंड का प्रबंध किया जाना है, हालांकि इससे पूर्व भी नई इमारत के निर्माण को लेकर कई बार फाइल निकाय विभाग के मुख्यालय भेजी गई, लेकिन फंड को लेकर कोई भी सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई। ऐसे में अब नगर परिषद का कार्यालय अंबाला-साहा हाईवे पर अग्निशमन केंद्र में शिफ्ट होने वाला है, लेकिन इमारत कब शुरू होगी और कब बनेगी, इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है।
करधान डेयरी कांम्प्लेक्स : ब्राह्मण माजरा में डेयरी कांप्लेक्स के निर्माण की योजना कैबिनेट मंत्री अनिल विज की ओर से तैयार की गई थी। सलाहकार की मदद से इसके निर्माण का आधुनिक नक्शा व सुविधाओं से सुसज्जित स्वरूप तैयार किया गया। डेयरी कांम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई। फंड के लिए नेशनल हाउसिंग बैंक से लोन की प्रक्रिया भी शुरु हुई, लेकिन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद यह योजना भी खटाई में पड़ गई। फंड न होने के कारण छह माह बीत जाने के बाद भी परियोजना की स्थिति यथावत है।