मुलाना। दोसड़का के यादगार गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह में बुधवार से तीन दिवसीय शहीदी जोड़ मेले की शुरूआत हुई। यह मेला साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी कौर की शहादत की याद में आयोजित किया जाता है।
मेले के पहले दिन विशाल नगर कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब को सुशोभित पालकी में विराजमान किया गया। पालकी की अगुवाई पंज प्यारों ने की। नगर कीर्तन का प्रारंभ गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह दोसड़का से हुआ, जो सिरसगढ़, होली बस स्टैंड, बराड़ा गांव, हरगोबिंदपुरा, प्रीतनगर और बराड़ा के मुख्य बाजारों से होते हुए गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब पहुंचकर संपन्न हुआ।-
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गतका पार्टी ने दिखाया अद्भुत प्रदर्शन
नगर कीर्तन के दौरान गतका पार्टियों ने वीर रस से परिपूर्ण अपनी कला का प्रदर्शन किया। छोटे सिख कलाकारों ने भी अपनी निपुणता का परिचय देते हुए संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर कीर्तन के दौरान रास्ते में कई जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे की ओर से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया और इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए।
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वीरवार को होगा अमृत संचार
गुरुद्वारा प्रधान जसबीर सिंह खालसा ने बताया कि मेले के दूसरे दिन, 26 दिसंबर को श्री सहज पाठ सेवा द्वारा अमृत संचार होगा, जहां श्रद्धालु अमृत ग्रहण कर सकेंगे। इसके अलावा सोहनी दस्तार और कविता मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा। 27 दिसंबर को मेले के अंतिम दिन गुरु ग्रंथ साहिब की पावन हजूरी में विशाल कीर्तन दरबार आयोजित होगा। प्रसिद्ध ढाडी जत्थे और कथावाचक कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल करेंगे।
आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद