अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से बच्चों को नीचे उतारते सुरक्षा कर्मचारी। फा
अंबाला। कर्मभूमि एक्सप्रेस से संरक्षण में लिए गए तीन नाबालिग शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे सिटी के कोर्ट रोड के पास बने सेफ हाउस से भाग गए। बताया जाता है कि जिस समय बच्चे भागे उस समय एक ही चौकीदार था वह भी गेट पर तैनात था। सेफ हाउस की पिछली दीवार भी छोटी है, ऐसे में बच्चे भागने में कामयाब हुए। इसके बाद सुबह चौकीदार ने जिला बाल कल्याण समिति को इस घटना की जानकारी दी। समिति के पदाधिकारियों ने खुद से ही बच्चों को खोजने का दिनभर काम किया। इसके बाद शाम को पांच बजे समिति की अध्यक्षा रंजीता सचदेवा ने सिटी थाने की पुलिस को घटना की जानकारी दी, इसके बाद से तीनों बच्चों की तलाश जारी है। वहीं मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दूसरी तरफ जीआरपी ने बच्चों सहित पकड़े गए दोनों संदिग्धों को नोटिस देकर छोड़ दिया है क्योंकि मामले से संबंधित रिपोर्ट जिला बाल कल्याण समिति पेश नहीं कर पाई।
छह बच्चे लिए थे संरक्षण में
ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस से जिला युवा विकास संगठन सहित आरपीएफ व जीआरपी ने छह बच्चों को वीरवार दोपहर संरक्षण में लिया था। इनमें तीन बच्चे नेपाल के मोहतारी जिले के थे और तीन बच्चे कटिहार व सहरसा बिहार के थे। तीनों बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के निर्देश पर रात्रि ठहराव के लिए सिटी के सेफ हाउस में रखा गया था, लेकिन इनमें से तीन बच्चे रात को सेफ हाउस से निकल गए, हालांकि बच्चों को ढूंढने के लिए पूरा दिन सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया, वहीं सिटी सहित कैंट के बस अड्डे और रेलवे स्टेशनों को भी खंगाला गया, लेकिन बच्चों की कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई।
नहीं हो पाई काउंसलिंग
जिला बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता ने बताया कि शुक्रवार को कर्मभूमि एक्सप्रेस से संरक्षण में लिए गए बच्चों की काउंसलिंग होनी थी, लेकिन जब उन्हें जानकारी मिली कि तीन बच्चे सेफ हाउस से भाग गए है तो यह प्रक्रिया रोक दी गई और बच्चों की तलाश आरंभ की गई। इस दौरान तीन बच्चों को नारायणगढ़ के सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है जोकि अब कड़ी निगरानी में हैं। वहीं बच्चों के निकलने की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है।
नहीं मिली रिपोर्ट, दोनों छोड़े
जीआरपी के जांच अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जिला बाल कल्याण समिति के पास रिपोर्ट लेने के लिए गए थे, लेकिन यहां जानकारी मिली कि जिला युवा विकास संगठन द्वारा सौंपे गए छह में से तीन बच्चे सेफ हाउस से भाग गए हैं, इसलिए अन्य बच्चों की काउंसलिंग रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों संदिग्धों को ज्यादा देर बिना रिपोर्ट के हिरासत में रखना मुश्किल था, इसलिए उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है और दोनों को अब छोड़ दिया गया है।