अंबाला सिटी। अदालत ने वर्ष 2021 के चर्चित हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पर्याप्त सबूतों और गवाहों के मुकर जाने के कारण तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें शिव कुमार सदाइ, राम दुलार सदाइ और धर्मेद्र सदाइ शामिल हैं। सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के अपर्याप्त होने और संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 29 जनवरी 2021 को अंबाला सदर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मिश्री लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह और उसका चचेरा भाई राम कुमार (मृतक) बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले थे। वे अंबाला के गांव बालना स्थित एक राइस मिल में ठेकेदार हीरा लाल के पास मजदूरी करते थे। 17 जनवरी 2021 को काम पूरा होने और भुगतान मिलने के बाद सभी मजदूर अपने गृह राज्य बिहार लौटने के लिए निकले थे।
शिकायत के मुताबिक, सफर के दौरान राम कुमार आरोपी शिव कुमार, राम दुलार और धर्मेद्र के साथ था, लेकिन बाद में वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। इसके बाद 25 जनवरी 2021 को गांव बालना के पास एक नाले से राम कुमार का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था। अभियोजन पक्ष इस बात की एक पुख्ता श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा जो केवल आरोपियों के अपराध की ओर इशारा करती हो।
मुख्य गवाह के पलटने से कमजोर हुआ मामला : मुकदमे के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 13 गवाह पेश किए गए। सबसे अहम गवाह और शिकायतकर्ता मिश्री लाल अदालत में बयानों से मुकर गए और उन्हें होस्टाइल घोषित किया गया। गवाह ने अदालत में स्वीकार किया कि घटना उसके सामने नहीं हुई थी। संवाद