माई सिटी रिपोर्टरअंबाला सिटी। कैंट के एक बहुचर्चित जानलेवा हमले के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले के तीनों आरोपियों हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी अखिल, गवाल मंडी निवासी सन्नी उर्फ डैनी और शुभम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
करीब 4 साल 3 महीने तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में शिकायतकर्ता सहित सभी मुख्य चश्मदीद गवाह अदालत में बयानों से मुकर गए।
मामला : पुलिस के अनुसार, 30 जून 2021 की रात को शिकायतकर्ता अभिनव को उसके दोस्त तुषार ने फोन कर बताया था कि कुछ लड़के उसके घर के बाहर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जब अभिनव अपने दोस्त विकास मित्तल के साथ वहां पहुंचा, तो आरोपियों ने अभिनव के पेट में चाकू घोप दिया। गंभीर हालत में अभिनव को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। पुलिस ने अंबाला कैंट थाने में हत्या के प्रयास के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित अभिनव और चश्मदीद गवाह विकास मित्तल व तुषार अदालत में मुकर गए। उन्होंने कोर्ट में बयान दिया कि हमलावरों के चेहरे ढके हुए थे और अंधेरा होने के कारण वे आरोपियों को पहचान नहीं सके। इसके अलावा, पुलिस द्वारा बरामद किए गए चाकू पर खून का कोई निशान नहीं मिला और न ही उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि आरोपियों के खिलाफ दोष साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है।