संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। संपत्ति कर जमा नहीं कराने वाला व्यक्ति भी नगर परिषद और नगर पालिका का चुनाव लड़ सकता है। हरियाणा म्युनिसिपल कानून, 1973 में संपत्ति कर के बकाया को अयोग्य नहीं ठहराया है। हालांकि उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ नगर निकाय से संपत्ति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा।
न्यूनतम दसवीं पास होना जरूरी
सेक्टर सात निवासी हेमंत कुमार ने बताया कि नगर निकायों के अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों का चुनाव लड़ने के बारे में कुछ नियम भी बनाए हैं। इसके अनुसार 21 वर्ष से कम आयु वाला व्यक्ति निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसके अतिरिक्त अगर किसी व्यक्ति को अदालत की ओर से किसी फौजदारी केस में 10 वर्ष की जेल की सजा हो चुकी हो, किसी आपराधिक मामले में आरोप तय हों, जिसमें उसे दोषी साबित होने पर कम से कम 10 वर्ष का कारावास हो सकता है, वह भी निकाय अध्यक्ष या वार्ड सदस्य का चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसके अलावा चुनाव लड़ने वालों के लिए न्यूनतम दसवीं पास होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के पुरुष और हर वर्ग की महिला के लिए हालांकि कम से कम आठवीं पास होना आवश्यक है। वार्डों से चुनाव लड़ने वाली अनुसूचित जाति वर्ग की महिला उम्मीदवार के लिए पांचवीं पास होना जबकि पिछड़ी जाति (बीसी) के पुरुष और महिला उम्मीदवार के लिए भी दसवीं पास होना जरूरी है।
लंबित बिजली बिल वाला अयोग्य
चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति की सहकारी सोसायटी, जिला केंद्रीय कोआपरेटिव बैंक या जिला प्राथमिक सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक के प्रति किसी प्रकार के भुगतान की देनदारी है, तो वह भी नगर निकाय अध्यक्ष और वार्ड सदस्य का चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसी प्रकार बिजली बिलों का भुगतान न करने वाला व्यक्ति भी उक्त चुनाव नहीं लड़ सकेगा। इसके अतिरिक्त अगर भावी उम्मीदवार यह स्वत: घोषणा करने में असफल रहता है कि उसके घर व निवास स्थान पर कार्यशील शौचालय है, तब भी वो चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा।