जिलेभर में रक्षाबंधन पर्व की खूब धूम रही। पीकेआर जैन पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने जहां राष्ट्रपति व हरियाणा के सीएम को राखी बांधी, वहीं कई स्कूलों की छात्राओं ने प्रदेश के सीएम को रक्षासूत्र बांधा। दूसरी ओर दिनभर बाजारों में रौनक रही, जबकि भाइयों के घर पहुंचकर बहनों ने कलाइयों पर राखियां बांधी।
पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल
स्कूल के प्राचार्य डॉ. विकास कोहली ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर स्कूल के बच्चे सीएम मनोहर लाल खट्टर के मेहमान बने और उन्होंने सीएम खट्टर को रक्षासूत्र बांधकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान पुलिस डीएवी स्कूल के स्टूडेंट्स जन्नत सोबती, वंशिका, गीतिका, मिष्टी, पालवी, जशन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को राखी बांधी। इस अवसर पर प्रिंसिपल पुलिस डीएवी डॉ. विकास कोहली, ममता वशिष्ठ, दीपक कुमार, भी मौजूद रहे।
पीकेआर जैन पब्लिक स्कूल सिटी
स्कूल की छात्राओं ने रक्षाबंधन के मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रदेश के सीएम मनोहर लाल को राखी बांधी। इस दौरान बच्चों को भेंट स्वरूप चॉकलेट के डिब्बे दिए गए। विद्यालय के प्रधान रतन चंद जैन एवं स्कूल की प्रधनाचार्य ज्योत्स्ना सचदेवा ने इसे विद्यालय के लिए स्वर्णिम दिवस बताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति तथा मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
एंजल्स पब्लिक स्कूल बराड़ा
छात्राओं ने सीएम हाउस पहुंचकर उनको राखी बांधी। सीएम मनोहर लाल ने राखी बांधने आई इन लड़कियों को अनेकों उपहार भेंट कर मिठाइयां खिलाकर स्वागत किया। इस दौरान छात्राओं ने सीएम मनोहर लाल को अपने स्कूल में आने का न्यौता भी दिया। एंजल्स पब्लिक स्कूल बराड़ा की पांच छात्राएं सिमरन, शगुन, मनप्रीत, आनिया, साक्षी आदि अपने स्कूल के टीचर प्रिया मैडम व राजबीर के साथ सीएम को रक्षाबंधन के मौके पर राखी बांधने गए। बच्चों के साथ गई टीचर प्रिया ने भी सीएम को राखी बांधी। स्कूल लौटने पर स्कूल प्रिंसीपल वीना मेहता, डायरेक्टर वेद प्रकाश कक्कड़, प्रधान पुष्पेंद्र राणा आदि ने बच्चों को बधाई दी।
पेड़ों को राखी बांध लिया पेड़ बचाने का प्रण
मिशन ग्रीन एक सांझा प्रयास अभियान की ओर से रक्षाबंधन के मौके पर गांव हरयोली, मनुमाजरा, कंबास, पसियाला आदि में मिशन ग्रीन के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता तरुण कौशल की अगुवाई में पेड़ों को राखियां बांधी और उनको बचाने का प्रण लिया। बच्चों ने भी अपने घरों में पेड़-पौधों को रक्षासूत्र बांधे। कौशल ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो धरा पर जीवन खतरे में पड़ सकता है ।
स्पेशल होम में बहनों ने भाइयों को बांधी राखी
ऑब्जर्वेशन स्पेशल होम अंबाला में राखी के अवसर पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जिला बाल संरक्षण यूनिट द्वारा किशोरों के लिए एक विशेष शपथ और हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी किशोरों ने शपथ ली को वो बुराई को त्यागकर महिलाओं को सम्मान देंगे। सभी ने राखी के अवसर हस्ताक्षर कर ये संकल्प लिया कि समाज की प्रत्येक बहू बेटी को अपनी बहन बेटी की तरह सम्मान देंगे।
सेंट्रल जेल में भाइयों को राखी बांध बहनों की आंखें हुई नम
उधर, रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर अंबाला सेंट्रल जेल अथॉरिटी ने पहली बार बहनों को एक अजीब से खुशी तोहफे में दी। इस तोहफे को पाकर बहनें भी फूले नहीं समाई। इस बार जेल अथॉरिटी ने बहन और भाई के इस पर्व को सलाखों और सलाखों वाले माहौल से ही दूर रखने का प्रयास किया। इस बार बहनों ने मुलाकात कक्ष में नहीं, बल्कि जेल के भीतर मौजूद बहुत ही विशाल मैदान में आराम से बैठकर अपने भाइयों को राखी बांधी। इतना ही नहीं भाई और बहनों के लिए राखियों और मिठाइयों का इंतजाम भी जेल अथॉरिटी की ओर से किया गया था।
यह नजारा देखकर बंदियों और कैदियों की बहनों की आंखें नम हो गई और उन्होंने न केवल अपने भाइयों के माथे चूमे, बल्कि उत्साह से उन्हें गले भी लगाया। बहनों का ये प्यार देखकर बंदी व कैदी भी रो पड़े। बहनों ने उन्हें राखियां बांधी और उनकी जल्द जेल से बाहर आकर नई सिरे से अच्छी जिंदगी जीने की शुभकामनाएं देते हुए इस बात का भाइयों से संकल्प भी लिया। उधर, नम आंखों से भाइयों ने उनकी इसी बात का वचन भी देते अपने बहनों का मान रखा।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक एसपीएस चौहान, जेल उपाधीक्षक विशाल छिब्बर, जेल उपाधीक्षक भूपेंद्र सिंह, सहायक अधीक्षक गीता, नीलम, कुलदीप शर्मा व दलबीर सिंह भी इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जेल अधीक्षक के अनुसार जेल में काफी कुछ बदल रहा है और ये भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उनके अनुसार सुबह सात से शाम चार बजे तक सभी बहनों के लिए जेल के दरवाजे खुले रहे। बहनों के साथ उनके परिवार के जितने भी लोग आए, इस पर्व के दिन किसी की इंट्री बैन नहीं रखी गई।
गुलजार रहे बाजार, बहनों के खिले रहे चेहरे
दूसरी ओर रक्षाबंधन का पर्व पर बाजार बाजारों में खासी भीड़ देखने को मिली। वहीं हलवाइयों की दुकानों व गिफ्ट शॉपस में भी अच्छी भीड़ देखी गई। बहुत से बहनें तो अपने भाइयों के साथ राखी के तोहफे के रूप में सूट व साड़ी खरीदने पहुंची हुई थी। जबकि कई बहने भाइयों से शगुन प्राप्त करने के बाद उस शगुन के रुपयों से सूट, साड़ी इत्यादि सामान खरीदने बाजारों में निकली हुई थी। आलम यह था कि छोटी से लेकर उम्रदराज बहनों के चेहरों पर आजाद बहुत ही खुशी का माहौल दिख रहा था।
उधर, हलवाइयों ने भी इस त्यौहार को बहुत ही अच्छे ढंग से भुनाया और इस दौरान उन्होंने मिठाइयां बेचकर खूब कमाई की। हालांकि बहुत से हलवाइयों का मिठाई बेचने का तरीका ठीक नहीं रहा। उन्होंने सड़कों पर टैंट लगाकर खुले में रखकर मिठाइयों को बेचा। धूल और धुएं की परत लगातार उन मिठाइयों पर चढ़ रही थी, लेकिन हैरानी की बात यह कि ये सबकुछ देखकर भी बहुत से लोग लगातार मिठाइयां धड़ाधड़ खरीद रहे थे। रात तक इस दौरान बाजारों में रश रहा।