अंबाला। स्टेशन पर कमजोर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता और गलत दिशा के कारण बेखौफ चोर यात्रियों की जेब काटने के साथ ही रेलवे परिसर में खड़े वाहनों की चोरी कर रहे हैं।
ऐसे ही दो ताजा मामलों की शिकायत पर जब जीआरपी ने जांच शुरु की और सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो एक आरोपी का चेहरा स्पष्ट नजर नहीं आया और दूसरा आरोपी सीसीटीवी में कैद ही नहीं हो पाया। ऐसे में अब जीआरपी के लिए चोरों को पकड़ना काफी मुश्किल हो जाएगा।
जेब से पर्स, परिसर से वाहन चोरी
जीआरपी को रविवार दो लोगों ने शिकायत की। इसमें एक यात्री ने बताया कि वो यूटीएस काउंटर पर टिकट लेने के लिए खड़ा था, इस दौरान किसी व्यक्ति ने उसकी जेब काटकर पर्स निकाल लिया। पर्स में पांच से छह हजार रुपये की नगदी व अन्य जरूरी दस्तावेज थे। इसी प्रकार दूसरे मामले में रेलवे परिसर में ही यूटीएस काउंटर के नजदीक बनी दुकानों के बाहर खड़ा एक्टिवा चोरी हो गया।
47 सीसीटीवी के बाद भी ऐसे हालात
उत्तर रेलवे का अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन सबसे व्यस्त व प्रमुख रेलवे स्टेशन है। ट्रेनों की बात करें तो यहां से रोजाना 300 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, वहीं यात्रियों की संख्या भी प्रतिदिन 50 हजार से ऊपर है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा व चोरों की निगरानी के लिए स्टेशन पर 47 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से तीन से चार कैमरे खराब हैं। वहीं अन्य कैमरे धुंधले हो चुके हैं। सबसे बड़ी समस्या कैमरों की गलत दिशा को लेकर है। इसका फायदा चोर उठा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन पर पर्स व वाहन चोरी के मामले में जब जांच की तो एक आरोपी का धुंधला चेहरा नजर आया तो दूसरे मामले में चोर सीसीटीवी फुटेज में ही नहीं आया। स्टेशन पर जितने भी कैमरे लगे हैं, इनमें से अधिकांश गलत दिशा में लगे हैं जोकि चोरों को भी पता है। इसलिए वो आसानी से बच जाते हैं।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी।
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