कोरोना का कहर अब जानलेवा होता जा रहा है। गुरुवार को जहां अंबाला में कोरोना के 22 मामलों ने दस्तक दी, वहीं एक 23 वर्षीय युवती की मौत हो गई। दिल्ली से अंबाला अपनी नानी के घर आए इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंबाला आते ही अगले दिन युवती ने दम तोड़ दिया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि युवती लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रस्त थी। परिवार अभी बेटी की मौत से उभरा भी नहीं था कि बेटी की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों से पता चला कि बेटी का संस्कार अब छावनी की पंजोखरा रोड स्थित शमशान घाट में किया जाएगा।
परिवार की सैंपल रिपोर्ट न आने के कारण उन्हें मुलाना अस्पताल में रखा गया है। परिवार इस कद्र लाचार हो गया कि बेटी को आखिरी बार विदाई भी नहीं दे पाए। जैसे ही युवती का परिवार दिल्ली जाने की तैयारी कर रहा था तब मां, बहन व भाई की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। जबकि दिल्ली से आए पिता को भी विभाग ने रिपोर्ट न आने के कारण परिवार से अलग रखा है।
परिवार के साथ युवती दिल्ली से अपनी कार में सवार होकर अंबाला तोपखाना परेड में अपनी नानी के घर आई थी। रात नानी के घर सोने के बाद परिवार सैंपल के लिए छावनी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां टीबी की बीमारी से ग्रस्त युवती की तबीयत बिगड़ी गई। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए मुलाना कोविड अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया। प्राथमिक उपचार के दौरान ही युवती ने दम तोड़ दिया। डाक्टरों का कहना था कि युवती करीब चार साल से टीबी की बीमारी से जूझ रही थी। अगले दिन सैंपल रिपोर्ट आई तो युवती कोरोना से संक्रमित पाई गई।
युवती के मामा के मुताबिक दिल्ली निवासी भांजी की 2016 में भी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। उस समय भी अस्पताल में उपचार करवाया। तभी से उसकी तबीयत खराब रहती थी। दिल्ली में इन दिनों कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है। परिजनों ने हालात सामान्य होने तक अंबाला में रहने का निर्णय लिया था ताकि वह यहां अच्छे डाक्टर से उपचार करवा सकेंगे। यहां आते ही युवती की मौत हो गई और पिता को छोड़कर पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया।