अंबाला सिटी। शहर के लोगों को अब कचरा प्रबंधन कर का बकाया नहीं देना पड़ेगा। उन्हें चालू वर्ष का ही कर भुगतान करना होगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर हुई बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में यह आदेश लागू हो गया है और इसी व्यवस्था के तहत ही कर वसूली की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इसी को लेकर शहर के लोगों में रोष की स्थिति बनी हुई है, जबकि पार्षद भी इस मुद्दे पर खासे नाराज हैं और निगम अधिकारियों को निशाने में लिए हुए हैं। इस मसले को लेकर पार्षद अधिकारियों पर सरकार की छवि धूमिल करने का आरोप भी लगा रहे हैं।
शहर में लोगों से कचरा प्रबंधन कर के नाम पर तीन से छह साल का बकाया वसूला जा रहा है। संपत्ति कर के नोटिस में बाकायदा इस बाबत एक कॉलम भी है। लोगों में यह नोटिस मिलने के बाद काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि न तो शहर में कचरा उठान की और न ही प्रबंधन के समुचित व्यवस्था है, ऊपर से कचरा प्रबंधन कर के नाम पर लोगों की जेब पर बोझ डाला जा रहा है, उस पर भी पिछले सालों का बकाया मांगा जा रहा है, जोकि अनुचित है।
मामला संज्ञान में आया तो दी राहत : मंत्री डॉ. गुप्ता
निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि कचरा प्रबंधन कर का नियम 2011 में पास हुआ था। वर्ष 2011 से लेकर आज तक तो किसी ने यह टैक्स नहीं लिया। नगर निगम ने नवंबर-दिसंबर 2022 में चिट्ठी निकाली और लोगों से तीन साल का टैक्स मांगा गया। जब उनके नोटिस में यह मामला आया तो निगम अधिकारियों से इस बारे में पूछा कि यह टैक्स तीन साल का क्यों लिया जा रहा है। अधिकारियों ने अवगत कराया था कि यह बकाया कर है, जिसकी वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। तब उन्होंने आदेश जारी किए थे कि अगर नवंबर-दिसंबर 2022 में इसको लेकर नगर निगम ने नोटिस देने शुरू किए हैं तो टैक्स भी तब से ही लिया जाएगा। अगर किसी ने अभी तक टैक्स जमा नहीं करवाया तो जब से उसे नोटिस मिला है तभी से वह टैक्स अदा करेगा।
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नगर निगम के अधिकारी कर रहे मनमानी : पार्षद सचदेवा
नगर निगम में मनोनीत पार्षद एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि नगर निगम अंबाला के अधिकारी इस मामले में मनमानी करते हुए सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण है कि प्रॉपर्टी टैक्स के जो बिल नगर निगम अंबाला ने लोगों को जारी किए हैं, उसमें कचरा प्रबंधन का टैक्स लगा दिया है, जबकि निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश देते हुए पिछला सारा टैक्स हटाने के लिए और केवल इसी वर्ष का टैक्स लेने के आदेश दे रखे हैं और मंत्री के आदेश पानीपत नगर निगम लागू कर चुका है। जब नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी अपने विभाग के मंत्री के आदेश का पालन नहीं करेंगे तो इससे सीधा संदेश जाएगा कि यह लोग सरकार और मंत्री के आदेश की परवाह नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के मंत्री कमल गुप्ता को इस विषय में संज्ञान लेना चाहिए कि जब उनके आदेश पानीपत में लागू हैं तो अंबाला में लागू क्यों नहीं हो रहे हैं । उनके अनुसार जिन अधिकारियों ने जान बूझकर यह लापरवाही की है और जनता को राहत देने की बजाय तंग परेशान किया है, उनके खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई भी होनी चाहिए।