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Ambala News: टांगरी, मारकंडा में आया उफान, जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने लगाया जाम

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अंबाला। अंबाला में बाढ़ के हालात लोगों का पीछा ही नहीं छोड़ रहे हैं। मंगलवार रात्रि को हुई बारिश और बुधवार सुबह पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण टांगरी और मारकंडा नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया। जिसके कारण कई कॉलोनियों में पानी भर गया। दोपहर तक नदियों में पानी उतर ही रहा था कि इतने में साहा - शाहाबाद राजमार्ग को किसानों व स्थानीय ग्रामीणों ने जाम कर दिया। यह राजमार्ग तीन घंटे तक बंद रहा।
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इस दौरान लंबा जाम लग गई और लोग आसपास के लिंक मार्गों से गुजरने लगे। इसके बाद एसडीएम छावनी सतिंद्र सिवाच पहुंचे तो उन्होंने किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके साथ ही मारकंडा नदी में भी जलस्तर बढ़ गया जिससे आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को चिंता सताने लगी। जलस्तर बढ़ने से गांव के मार्ग व खेतों में फिर से पानी बढ़ गया।



फोटो- 80 व 81

गांव शेरगढ़ पूरी तरह बाढ़ की चपेट में, जाम से सड़क पर लगी वाहनों की कतारें

खंड साहा क्षेत्र के गांव शेरगढ़ में बाढ़ के पानी ने फिर ग्रामीणों का नुकसान कर दिया। बुधवार को गांव शेरगढ़ बाढ़ की चपेट में पूरी तरह से आ गया। गांव की लिंक रोड पानी से जलमग्न हो गई। गांव में बाढ़ के पानी से परेशान ग्रामीण एकत्रित होकर साहा से शाहाबाद रोड को जाम कर दिया। आने जाने वाले वाहनों की सड़क पर लंबी कतारें लग गई।
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ग्रामीणों की मांग थी कि मारकंडा नदी से जो बाढ़ का पानी बांध तोड़कर गांव में घुसता है उसको प्रशासन पक्का बनाए। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर अस्थाई समाधान देने के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में पशुओं को बांधते हैं तो बाढ़ का पानी बांध तोड़ कर आ जाता है और उनके पशु पानी में डूबते हैं। ऐेसे में उन्हें पशु भी हाईवे किनारे बांधने पड़ रहे हैं। जैसे ही ग्रामीणों ने रोड को जाम किया तो एसडीएम सतिंदर सिवाच, साहा तहसील से तहसीलदार साहा,, बीडीपीओ, सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर गांव शेरगढ़ में पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी नाराजगी की वजह बताई। इसके बाद एसडीएम ने वीरवार सायं तक पक्का बांध बनाने का आश्वासन दिया तो ग्रामीण अपने गांवों को लौट गए।





टांगरी में 12000 क्यूसेक पानी आया, घर फिर डूबे

टांगरी नदी में सुबह पुलिस की पीसीआर मुनादी के माध्यम से लोगों को सचेत कर रही थी कि लोग निचले इलाकों में न ठहरें पानी आ सकता है। इसके ाकुछ देर बाद ही टांगरी में 12000 क्यूसेक पानी बढ़ गया। जिससे आसपास की कॉलोनियों में घर फिर से जलभराव के कारण डूबने लगे। लोगाें को अपने घरों से निकलकर ऊंचे स्थान पर जाना पड़ा। लोगों ने बताया कि टांगरी नदी का पानी आगे बढ़ नहीं पा रहा है इसके कारण वह आसपास के क्षेत्र में फैल जाता है। देर सायं को स्थिति सामान्य हो गई।



फोटो- 83 व 84

मुलाना: मारकंडा में आए पानी से डूबे कई गांव

पहाड़ों में भारी बारिश के चलते मुलाना में मारकंडा नदी में बुधवार अल सुबह उफान आ गया। सुबह साढ़े 6 बजे नदी का जलस्तर करीब 6.5 फीट करीब 24200 क्यूसेक पर जा पंहुचा। उधर बेगना नदी व रूण नदी में भी उफान आने के चलते स्थिति बिगड़ने लगी। जिसके चलते बेगना नदी का पानी गोला गांव में घुसने लगा। गोला गांव में करीब 2-3 फीट पानी बहने लगा। मारकंडा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा था। जोकि बुधवार सुबह करीब साढे़ 11 बजे ही 9.8 फीट करीब 47900 क्यूसेक पर जा पंहुचा। जिससे प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई।
हालांकि साढ़े 12 बजे के बाद पानी घटना शुरू हो गया । जोकि शाम साढे 5 बजे 7.5 फीट करीब 30740 क्यूसेक के जलस्तर पर बह रहा था। जोकि क्षेत्र के लिए सामान्य स्थिति नहीं थी। मारकंडा नदी के पानी ने क्षेत्र के गांव जफरपुर, अल्यासपुर, मुलाना, ब्राहम्णमाजरा, पपलौथा, हेमामाजरा,हमीदपुर, घेलडी, सोहाना के खेतों में जमकर तबाही मचाई। शाम को भी मारकंडा नदी का पानी कई गांवों के खेतों में से तेज बहाव के साथ बह रहा था। गांव घेलडी में मारकंडा नदी के पानी ने फिर से घेलडी के मार्गों को क्षतिग्रस्त किया। पानी के बहाव में मार्ग का काफी हिस्सा पानी में बह गया । ग्रामीणों के अनुसार विभाग मार्ग को दो बार ठीक कर चुका है। लेकिन मार्ग में पानी निकासी के लिए पाइप ना डालने के चलते मार्ग दोनों बार टूट गया । वहीं साबांपुर गोला में भी काफी हिस्सा जलमग्न हो गया।
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