संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग के पास अब एएनसी कार्ड खरीदने के लिए भी बजट नहीं है। एक वर्ष से बिना बजट विभाग का काम चलाना अधिकारियों के लिए मुश्किल हो गया है। हालात यह हो गए हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें में आने वाली गर्भवतियों को बिना कार्ड के ही उपचार शुरू करवाना पड़ रहा है, जबकि एएनसी कार्ड के बिना प्राइवेट अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलती, ऐसे में गर्भवतियों को कई चक्कर काटने के बाद आरसीएच आईडी लिखवाकर लानी पड़ती है, जिसके बाद उनका अल्ट्रासाउंड होता है। स्थानीय स्तर पर विभाग कार्ड बनवा सकता है मगर उसके लिए भी फिलहाल बजट का अभाव है। आरसीएच आईडी बनती है समस्या : इन दिनों लिंगानुपात के घटते स्तर को बढ़ाने के लिए गर्भवतियों के लिए आरसीएच आईडी बनाई जा रही है जिसके आधार पर महिला अपना अल्ट्रासाउंड करवा सकती है। बिना आईडी के यह सुविधाएं नहीं मिल सकती। एएनसी कार्ड पर लिखी हुई आईडी प्राइवेट अस्पतालों में भी मान्य होती है। मगर अब कार्ड के अभाव में महिलाओं की आईडी ओपीडी कार्ड पर ही लिखी जा रही है। मगर ओपीडी कार्ड प्राइवेट अस्पताल नहीं ले रहे हैं, इसलिए महिलाओं काे परेशानी हो रही है।