अंबाला सिटी। हर बार की तरह इस बार भी विधानसभा चुनावों में युवा वर्ग को प्रदेश की नई सरकार से उम्मीदें लगाए बैठा है। युवाओं का कहना है कि हर सरकार रोजगार बढ़ाने और शिक्षा नीतियों बेहतर करने का वादा करती है लेकिन सही ढंग से भर्ती प्रक्रिया को नहीं अपनाती।
इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी सरकार का हस्तक्षेप कम ही रहता है। इससे जो युवा निजी क्षेत्र में रोजगार की तलाश करते हैं। वहां उन्हें बेहतर सुविधाएं और वेतन नहीं मिलता। इसी कारण अधिकतर युवा अब विदेशों की तरफ रुख कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि युवा वर्ग ही सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
नियमित हों भर्तियां
सरिता ने कहा कि सरकार को भर्तियां नियमित करनी चाहिए। इससे युवाओं को भी लगातार रोजगार के अवसर मिलते रहते हैं। कई बार परीक्षा देने के बाद नतीजे ही घोषित करने में कई वर्ष लग जाते हैं। इस दौरान प्रत्याशी की आयु ही अधिक हो जाती है। सरकार को इसके लिए कोई ठोस नीति बनानी चाहिए।
शिक्षा नीति में हो बदलाव
राजेश ने बताया कि नई शिक्षा नीति के कारण विद्यार्थियों को अपने विषय चुनने में भी परेशानी हो रही है। सरकार को इस नीति में बदलाव करते हुए नई नीति को लागू करना चाहिए। जिसे समझने में भी विद्यार्थियों को परेशानी न हो। आरक्षण प्रणाली में हो सुधार
छात्रा लवप्रीत ने कहा कि वर्तमान में जो आरक्षण प्रणाली है उसमें कुछ वर्गों को वंचित किया गया है।
सरकार को सभी के आरक्षण समान तौर पर जारी करना चाहिए।
पर्यावरण के प्रति गंभीरता ले सरकार
कर्ण ने कहा कि सरकार को सर्वप्रथम पर्यावरण को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए। आने वाले समय में प्रदूषण की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदूषण का स्तर पिछले कई वर्षों में खतरे की सीमा में बढ़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
प्रतियोगिता परीक्षाओं से इतिहास का पाठ्यक्रम घटे
आदित्य ने बताया कि सरकार को प्रतियोगिता परीक्षाओं से इतिहास के पाठ्यक्रम को कम कर देना चाहिए। बहुत विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जो इतिहास के अलावा अन्य विषयों में अच्छे होते हैं , लेकिन इतिहास के कारण परीक्षाओं को पास नहीं कर पाते।
विदेश जाने को मजबूर हो रहे युवा
खुशी ने बताया कि रोजगार के अभाव में युवा वर्ग विदेशों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। लाखों रुपए कर्ज लेकर अभिभावक अपने बच्चों को विदेश भेज रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेवारी बनती है कि रोजगार के नए अवसर पैदा करे। जिससे विदेश पलायन में थोड़ी कमी भी आए।
लवप्रीत
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