- रिहायशी क्षेत्रों में गाद और गंदगी से लोग परेशान, बीमारियां फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पहाड़ों पर बारिश थमने के बाद टांगरी नदी का पानी तो उतर गया है लेकिन समस्याएं खड़ी रहीं। जलस्तर जो कल तक 8 फीट के खतरे के करीब था, वह अब घटकर 4 फुट पर आ गया है। नदी का रौद्र रूप शांत तो हुआ है लेकिन अपने पीछे रिहायशी इलाकों में गाद और भारी गंदगी के निशान छोड़ गया है, जो अब लोगों के लिए नई मुसीबत बन गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अपने घरों और गलियों की सफाई शुरू करें या फिर दोबारा बारिश आने की आशंका के कारण कुछ दिन और रुकें। कॉलोनीवासियों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन के पुख्ता दावों की पोल खुल गई है। जलभराव से लोगों का सामान भी खराब हुआ है और अब कीचड़ व गंदगी से बीमारियों का डर सता रहा है।
तटबंधों की मरम्मत में जुटा सिंचाई विभाग
स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। विभाग की टीमों ने नदी के तटबंधों के किनारे डेरा डाल दिया है ताकि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हिस्सों को तुरंत सुधारा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तटबंधों की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन अलर्ट, नदी किनारे जाने पर पाबंदी
उधर, जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सख्त कदम उठाए हैं। संभावित खतरे को देखते हुए नदी और नालों के आसपास जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि बारिश में कमी आने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उमस ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रशासन हमारी सुनवाई नहीं करता। हर साल ऐसा होता है और हमें मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। हम गरीब कहां जाएं।
मेहनत-मजदूरी करके घर बनाया था, सोचा था बुढ़ापा आराम से कटेगा लेकिन बारिश शुरू होते ही धड़कन बढ़ जाती है कि अब फिर बाढ़ डुबोएगी।
हम वोट देते हैं और अंबाला के बाशिंदे हैं। 20 साल से यहां रह रहे हैं। प्रशासन कैसे अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ सकता है।
पानी उतर गया पर समस्याएं खड़ी रहीं- फोटो : पानी उतर गया पर समस्याएं खड़ी रहीं