जानकारी देती सीडीपीओ किरण बाला। प्रवक्ता
आंगनबाड़ी केंद्रों में स्टाफ का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। 188 आंगनबाड़ी केंद्रों में स्टाफ की भारी कमी के कारण जच्चा-बच्चा पोषण और शिक्षा सेवाएं चरमरा गई हैं। वर्तमान में वर्कर के 23 और हेल्पर के 43 पद खाली पड़े हैं जबकि सात सर्कलों की निगरानी के लिए केवल पांच सुपरवाइजर तैनात हैं। स्टाफ की कमी से बच्चों को मिलने वाले संतुलित आहार और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 21 अप्रैल को पत्र जारी कर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। नई योजना के तहत पहले अनुभवी हेल्परों को वर्कर पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसके लिए 10वीं पास के लिए 10 वर्ष और 12वीं पास के लिए 5 वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। पदोन्नति की अधिकतम आयु 60 वर्ष तय की गई है।
खंड परियोजना अधिकारी किरण बाला ने बताया कि 31 मई तक समायोजन और 30 जून तक सभी रिक्त पदों को भरने का लक्ष्य है। इस कदम से केंद्रों पर बढ़ता अतिरिक्त कार्य बोझ कम होगा और सेवाएं सुचारू हो सकेंगी।