अंबाला। कालका रेलवे स्टेशन के परिसर में मुख्य पार्सल सुपरवाइजर और आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक के बीच हुई धक्का-मुक्की की जांच दो सहायक स्तर के अधिकारी करेंगे। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों कर्मचारियों के बीच जो धक्का-मुक्की हुई है वो पार्सल कार्यालय में नहीं, बल्कि रेलवे परिसर में हुई है। इसकी फुटेज भी जीआरपी ने कब्जे में ले ली है।
इसके आधार पर ही मामले में आगामी जांच आरंभ की गई है। फुटेज में यह भी नजर आ रहा है कि आरपीएफ कर्मचारी कालका रेलवे स्टेशन के परिसर में वाहन हटाने के लिए आया था। जब उसे स्टेशन पर ही पार्सल कार्यालय में काम करने वाले एक व्यक्ति ने संपर्क किया तो कर्मचारी ने उसे परिसर से दूर जाने को कहा। इस दौरान दूसरा व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गया तो आरपीएफ कर्मचारी ने उसे भी परिसर से बाहर जाने के निर्देश दे दिए।
इसी बीच मुख्य पार्सल सुपरवाइजर रेलवे परिसर में पहुंच गए और उन्होंने बाहर भेजे जाने वाले व्यक्ति को जबरदस्ती अपने पास खींच लिया और उसे पार्सल कार्यालय में ले जाना शुरु कर दिया। इस बात को लेकर आरपीएफ कर्मचारी ने जब एतराज किया तो उन दोनों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। वहीं दोनों कर्मचारियों के विवाद की भनक जब उच्चाधिकारियों को मिली तो उन्होंने दोनों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पार्सल का खेल
दरअसल, यह मामला पार्सल कार्यालय में चल रहे खेल से जुड़ा है। जहां दो अलग-अलग समूहों के कर्मचारी अनधिकृत तरीके से काम कर रहे हैं। इनमें से एक समूह पार्सल कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी का चहेता है और वो पूरे रेल परिसर में अपनी धाक जमाना चाहता है। यह बात दूसरे समूह को नागवारा लगती है। इस संबंध में पहले भी कई बार वाद-विवाद हो चुका है। 9 अप्रैल को भी यह मामला रेलवे परिसर में वाहन हटा रहे आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक के पास पहुंचा था तो उन्होंने दोनों समूह के लोगों को रेलवे परिसर से बाहर जाने के निर्देश दिए थे।
पहले भी सुर्खियों में रहे हैं सीपीएस
कालका रेलवे स्टेशन पर तैनात रहे सीपीएस पूर्व में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी तैनात थे। उस दौरान वहां के व्यापारियों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस संबंध में बाकायदा व्यापारियों ने मंडल कार्यालय आकर पूर्व मंडल रेल प्रबंधक सहित वाणिज्य विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई थी। इसके बाद उनका तबादला कालका रेलवे स्टेशन पर कर दिया गया। यहां भी उनके खिलाफ कई शिकायतें मंडल के अधिकारियों सहित जीआरपी तक पहुंची हुई हैं।
वर्जन
अभी दोनों विभाग के कर्मचारी निलंबित हैं। मामले की जांच सहायक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। अगर ऐसी कोई वीडियो फुटेज है तो इसका भी अवलोकन किया जाएगा।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।