अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान योजना के तहत दी जा रही सुविधाओं पर नजर रखने के लिए अब आईसीएमआर तीन वर्षों तक सुविधाओं का आंकलन करेगा। यह आंकलन जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा।
इसके लिए पीजीआई से टीम भी भेजी गई है। इसमें 13 कर्मचारी शामिल है। जिसमें चार रिसर्च अधिकारी भी हैं। ये कर्मचारी विभिन्न केंद्रों पर जाकर सबसे बेहतर और सबसे बेकार सुविधा देने वाले केंद्र की रिपोर्ट तैयार करेगी और निदेशालय को भेजेगी जिससे आगे चलकर कमियों को दूर किया जा सके। साथ ही टीम द्वारा समय- समय पर सीएचओ व अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला अंबाला में 24 सब सेंटर जिनमें इस योजना के तहत सुविधाओं का आंकलन किया जाएगा।
12 तरह की सुविधाओं की होगी जांच
आईसीएमआर की टीम द्वारा तीन वर्षों तक जिला अंबाला के सब सेंटर पर दी जाने वाले 12 तरह की सुविधाओं की जांच होगी। इसमें गर्भवती की जांच , नवजात स्वास्थ्य, एनसीडी, मेंटल हेल्थ, वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख, आंख, नाक और गला, हड्डी रोग संबंधी सेवाएं, स्ट्रोक व अन्य पेट संबंधी समस्याएं में दी जाने वाली सुविधाओं की जांच होगी। टीम द्वारा मरीजों से समय- समय पर सुविधाओं के बारे में पूछा जाएगा। इसके आधार पर ही रिपोर्ट बनाई जाएगी।
24 केंद्राें में होगी जांच
जिला अंबाला में 24 सब सेंटर हैं। जिनमें टीम द्वारा सुविधाओं की जांच होगी। टीम सुविधाओं की गुणवत्ता के आधार पर 10 सबसे बेहतर और 10 सबसे बेकार सेंटर का चुनाव करेगी। इसके बाद रिपोर्ट को निदेशालय में भेजा जाएगा। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सेंटर में दी जा रही सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे।
आयुष्मान योजना के तहत लोगों को दी जा रही सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ही सरकार ने यह कदम उठाया है। तीन वर्ष तक यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान केंद्रों की रिपोर्ट समय-समय पर भेजी जाएगी और उनमें सुधार के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डॉ. सुखप्रीत सिंह, जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना अंबाला।