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Ambala News: वात्सल्य स्कूल में बढ़ेगा स्केटिंग रिंग का दायरा, खुलेगी अकादमी

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अंबाला छावनी के कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा संचालित वात्सल्य स्कूल में बनाया गया स्केटिंग रिंग। संव
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अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन वात्सल्य स्कूल में बनाए स्केटिंग रिंग का दायरा बढ़ाया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में नाम चमकाने वाले छात्रों को भी बोर्ड द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा लगातार पदक जीतने वाले छात्रों की हौंसला अफजाई की जाएगी। यह कार्य बोर्ड द्वारा तैयार होने वाली एकेडमी के तहत किया जाएगा।
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वात्सल्य स्कूल में एकेडमी खोलने को लेकर बोर्ड आगामी कार्रवाई में जुट गया है। एकेडमी में वात्सल्य स्कूल में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों को प्रतिभा को निखारा जाएगा। वहीं खेलो में भी विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वो भी तांशू और अंशु की तरह विश्व पटल पर अपनी चमक बिखेर सकें। वहीं पढ़ाई के साथ ही खेलों में रूचि लेने वाले छात्रों की भी सूची तैयार की जाएगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि छात्र का किस खेल में रुझान है ताकि उन्हें उसी खेल में माहिर किया जा सके।
123 दिव्यांग छात्र ले रहे हैं शिक्षा
वात्सल्य स्कूल में 123 दिव्यांग छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से 23 छात्र खेलों में प्रतिभा दिखा रहे हैं।कैंटोनमेंट बोर्ड ने वर्ष 2014 में एक अच्छी पहल करते हुए मानसिक दिव्यांग बच्चाें के लिए वात्सल्य स्कूल शुरु किया था। शुरुआत में मात्र 5 के करीब बच्चे ही यहां दाखिल हुए थे। खेलों के माध्यम से बोर्ड और स्कूल का नाम छात्र रोशन कर रहे हैं। इससे पहले 7 वर्षीय मंदीप फ्लाेर बाॅल में राष्ट्रीय स्तर पर अपने जौहर दिखा चुकी है। वहीं 17 वर्षीय अंशु भी रोलर स्केटिंग में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण सहित अन्य पदकों को हासिल कर चुका है।
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सबसे अव्वल नंबर पर तांशू
वात्सल्य स्कूल में पढ़ने वाला तांशू अकेला बोर्ड का ही नहीं बल्कि अंबाला जिले और हरियाणा का नाम रोशन कर रहा है। वर्ष 2014 में वात्सल्य स्कूल में दाखिल हुए तांशू ने पिछले 10 वर्षों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 से अधिक पदक अपने नाम किए हैं। तांशू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 28 जनवरी 2020 में स्वीडन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्पीड आइस स्केटिंग में 500 व 333 मीटर में भारत के लिए 2 स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2022 में तांशू का चयन वर्ष 2022 में रूस में होने वाली आइस स्केटिंग के लिए भी हुआ था। लेकिन कोरोना के कारण वो रूस नहीं जा सका। जबकि वर्ष 2025 में इटली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता की दो अलग-अलग श्रेणियों में रजत व कांस्य पदक जीता।
अंशु ने भी चमकाया नाम
पिछले वर्ष अंशु ने बर्लिन में आयोजित पैरा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इसके लिए उसे खेल मंत्रालय की तरफ से पांच लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया गया। प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर 200 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक, 100 मीटर दौड़ में रजत पदक और 500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था।
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