अंबाला सिटी। शहर नारायणगढ़ मोड़ से मंडौर तक करीब 2.50 किलोमीटर का क्षेत्र फोरलेन होगा। फोरलेन होने से इस क्षेत्र का न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को भी आवाजाही में सहूलियत होगी। इस प्रोजेक्ट पर पिछले काफी समय से कार्य चल रहा है।
बीच में यह काम पेड़ कटाई और बिजली के पोल शिफ्ट न होने से कार्य लटक गया था। अब दोबारा से कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब एक महीने में परियोजना पर काम शुरू हो सकता है। इस सड़क के फोरलेन होने से सड़क पर जाम जैसी स्थिति नहीं होगी। बता दें कि यह रोड अंबाला से पंजोखरा होते हुए शहजादपुर और नारायणगढ़ की तरफ निकलता है।
नारायणगढ़ मोड से लेकर मंडौर तक वाहनों की भीड़ ज्यादा रहती है। अभी सड़क के बीच डिवाइडर भी नहीं है। जिससे वाहन चालक अपने लेन में भी नहीं चलते। फोरलेन होने से वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
लगभग दोगुना हो जाएगा रोड
इस रोड की चौड़ाई अभी करीब 33 फुट है। फोरलेन होने के बाद यह करीब 60 फुट तक चौड़ा होगा। इस रोड के बीच में डिवाइडर भी बनेगा। साथ ही रोड की साइड में दोनों तरफ पानी निकासी के लिए नाला भी बनेगा और सड़क की साइड में इंटरलॉकिंग टाइल भी लगेगी। इस रोड का कार्य जल्द शुरू होगा। प्रोजेक्ट की निविदा लगाई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 11.50 करोड़ खर्च होंगे।
शहर से नारायणगढ़ का है ये रास्ता
नारायणगढ़ अंबाला जिला का कस्बा है। जिला मुख्यालय भी अंबाला शहर में है। ऐसे में लोगों को अपनी समस्या व अन्य कार्यों के लिए शहर आना पड़ता है। वहीं, अंबाला शहर से नारायणगढ़ आने-जाने के लिए यह मुख्य रास्ता है। इस कारण रोड पर काफी संख्या में वाहनों का दबाव रहता है। सबसे ज्यादा हालात बलदेव नगर से मंडौर गांव तक के खराब रहते हैं। शहर के बलदेव नगर चौक से लेकर मंडौर तक आबादी और व्यावसायिक करण हो गया है। ऐसे में यहां रोड पर वाहनों की आवाजाही काफी बनी रहती है। यहां कई बार जाम तक की भी स्थिति बन जाती है। ऐसे में लोगों को यहां से निकलने में ज्यादा समय लगता है। इसी को देखते हुए इसे रोड को फोरलेन किए जाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया।
वर्जन
नारायणगढ़ मोड से मंडौर तक अढ़ाई किलोमीटर का एरिया फोरलेन होगा। इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस परियोजना के लिए निविदा लगाई है। मुख्यालय में टेंडर अप्रूविंग कमेटी की बैठक में यह निविदा स्वीकृत होनी है। यह करीब 11.50 करोड़ का प्रोजेक्ट है। वर्क अलाॅट होने के बाद करीब डेढ़ माह में कार्य शुरू हो सकता है।
दलबीर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।