संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। टांगरी बांध के निकट न्यू शिव कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने सोमवार को 5वीं श्रीमद्भागवत कथा महापुराण ज्ञान गंगा यज्ञ की शुरूआत हुई। कथावाचक अयोध्यावासी पंडित जितेंद्र शुक्ला ने प्रवचन करते हुए श्रीमद्भागवत को साक्षात भगवान का स्वरूप बताया।
इस दौरान श्रीकृष्ण की महिमा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। पंडित जितेंद्र ने श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि इसके श्रवण मात्र से हरि हृदय में आ विराजते हैं। ब्रह्म सत्य है, जबकि जगत मिथ्या है। उन्होंने बताया कि जीवन की महान सच्चाई मौत है, कोई भी जीव इससे बच नहीं सका है। संसार में जो भी जीव आता है। उसे संसार छोड़कर अवश्य जाना पड़ता है, आवागमन ही संसार की रीति है। जिस काम के लिए जीव धरती पर आया है, वह उस काम को करना ही भूल गया है।
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार जीवन जिया जाता है, उसी प्रकार मृत्यु को सुधारना आवश्यक है। इसे सत्संग व भगवान की शरण में जाकर ही सुधारा जा सकता है, ताकि जीवात्मा मुक्त होकर परमात्मा के चरणों को प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि महर्षि वेद व्यास द्वारा भागवत पुराण के स्थान, विषय और महत्व का वर्णन किया गया है। यह पुराण हिंदू धर्म के आधारभूत ग्रंथों में से एक है और इसमें भगवान विष्णु के अवतारों की कथाएं विस्तार से प्रस्तुत हैं। यहां पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोपियों के संग वन भ्रमण, रासलीला, कंस वध, गीता उपदेश, ब्रजवासियों के साथ नीति नियमों का पालन आदि का वर्णन मिलता है। इस मौके पर सुशील शर्मा, राजीव बंसल, लक्ष्य शर्मा, किरन रानी, ज्योति बंसल आदि शामिल रहे।