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Ambala News: दुष्कर्म पीड़ित बच्ची को न्याय का इंतजार, ढाई माह बाद भी आरोपी नहीं हुआ गिरफ्तार

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अंबाला। रेलवे लाइनों और स्टेशन से लगभग दो से ढाई किलोमीटर दूर हुए दुष्कर्म की जांच ढाई माह बीत जाने के बाद भी अधूरी है और पीड़ित बच्ची न्याय का इंतजार कर रही है।
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जीआरपी की दबिशों और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ करने के बाद भी हाथ खाली हैं। फुटेज से आरोपी को पकड़ने की उम्मीद थी, लेकिन फुटेज धुंधली होने के कारण इस एकमात्र उम्मीद पर भी पानी फिर गया था।
अब इस मामले में बच्ची के परिजन तलाश में जुट गए हैं और वो राजस्थान के कोटा शहर पहुंच गए हैं। उन्हें शक है कि उनकी बच्ची के साथ जिसने यह घिनौनी हरकत की वो उनके कुनबे में से ही एक रिश्तेदार है। ऐसे में अब जीआरपी भी परिजनों का विश्वास में लेकर आगामी कार्रवाई को लेकर योजना तैयार करने में जुट गई है।
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यह था मामला
घटना 17 मई रात की है। जब झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले दंपती के दो बच्चों (एक लड़का और लड़की) को दोपहिया सवार एक युवक यह कहकर अपने साथ ले गया कि उन्हें वो परांठे खिलाएगा। हालांकि इसमें बच्चों की मां ने अपनी स्वीकृति नहीं दी थी। बावजूद इसके युवक उन्हें ले गया। यह घटना सीसीटीवी में भी कैद है कि युवक दोपहिया वाहन पर आगे जा रहा है और दोनों भाई-बहन उसके पीछे भाग रहे हैं। वहीं कुछ देर बाद छोटा बच्चा आ जाता है, लेकिन 10 वर्षीय बहन नहीं आती जोकि आरोपी युवक अपने साथ ले जाता है। इस दौरान वो दुर्गा नगर के पास सड़क पर लगी एक रेहड़ी पर चाउमिन खाने के लिए भी रुकते हैं। हालांकि यहां युवक अपने मुंह पर लपेटे कपड़े काे भी हटाता है, लेकिन फिर भी उसकी पहचान नहीं हो पाती। जबकि जीआरपी सभी चाउमीन बेचने वालों को थाने में भी बुलाती है। दो से ढाई घंटे बाद जब बच्ची वापिस अपने परिजनों पास पहुंचती है तो वो पूरी तरह से खून से लथपथ होती है। इसके बाद उसे उपचार के लिए अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है और फिर जीआरपी बच्ची की मां की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करती है।

वर्जन
आरोपी को पकड़ने के लिए दर्जनों बार दबिश दी गई और पूरे क्षेत्र को खंगाला गया। फुटेज के धुंधला होने से आरोपी की पहचान नहीं हो सकी। अभी भी कोशिश जारी है। जानकारी मिली है कि बच्ची के परिजनों को अपने ही एक रिश्तेदार पर शक है और वो अब कोटा गए हैं ताकि मामले में पुख्ता जानकारी मिल सके। उनके साथ लगातार संपर्क जारी है ताकि सूचना मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके।
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धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी।
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