अंबाला। छावनी बस अड्डे पर सुविधाओं के अभाव और बेसहारा पशुओं ने यात्रियों का सफर मुश्किल कर दिया है। एक तरफ जहां लोग कड़ाके की ठंड़ में ठिठुर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर काउंटर पर बेसहारा गोवंश और कुत्ते बेखौफ घूम रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खडे़ कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि रोडवेज और नगर परिषद के बीच इस समस्या को सुलझाने का सिलसिला महज पत्राचार तक ही सिमटा है।
छावनी बस अड्डा परिसर में यात्री बसों का इंतजार करते हैं, वहीं उनके बीच बेसहारा गोवंश और लावारिस कुत्ते घूमते रहते हैं। कई बार इनके कारण भगदड़ की स्थिति बन जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरे से कम नहीं है। बस स्टैंड परिसर और डस्टबिन में पड़ी गंदगी में यह बेसहारा पशु मुंह मारते हैं। कई बार यात्रियों में चोट लगने का डर बना रहता है। बढ़ती ठंड ने यात्रियों की मुश्किलें पहले ही बढ़ाई हुई हैं।
बस अड्डे पर प्रतीक्षालय का इंतजाम न होने के कारण यात्री परिसर में ही बैंच पर बैठने को मजबूर हैं, वहीं लावारिस कुत्ते यात्रियों के सामान और खाने-पीने की चीजें देखकर उनके पास बैठे रहते हैं, वहीं रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि बस अड्डा परिसर में बेसहारा गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। इसे लेकर नगर परिषद को कई बार गोवंश हटाने की मांग की गई है। कर्मचारी आते हैं एक दो गोवंश काे पकड़कर ले जाते हैं, लेकिन इसके बाद फिर से वहीं हालात होते हैं।
यात्रियों के बीच घूम रहे गोवंश
जितेश ने बताया कि बेसहारा गोवंश को लेकर छावनी बस अड्डे पर बुरा हाल है यहां पर यात्रियों के बीच में गोवंश घूम रहे हैं, जो किसी भी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन अधिकारी इसकी और ध्यान नहीं दे रहे।
यात्रियों के पास बैठे कुत्ते
सुशील कुमार ने बताया कि जैसे ही वह छावनी बस अड्डे में दाखिल हुए उन्होंने यहां कुत्तों को यात्रियों के बीच बैठे देखा। कुत्तों को देखकर कई यात्री इधर उधर हो रहे थे।
बस अड्डे के बगल में होलसेल सब्जी और फल मंडी के बाहर गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। यहीं से यह गोवंश बस अड्डे में दाखिल हो रहे हैं। कर्मचारियों को भेजकर गोवंश को बस अड्डा परिसर में हटवा दिया जाएगा
- राजेश कुमार, सचिव नगर परिषद अंबाला सदर।
अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में घूमता बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में घूमता बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में घूमता बेसहारा गोवंश। संवाद