अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। जहां एक तरफ सीटी स्कैन मशीन एक सप्ताह से खराब पड़ी हुई है जो अभी तक दुरुस्त नहीं हो सकी है। उधर चार माह से वेतन न मिलने के कारण स्वतंत्रता दिवस वाले दिन एमआरआई सेंटर टेक्नीशियन एमआरआई का काम बीच में ही छोड़कर चला गया। इस कारण एमआरआई का काम प्रभावित हो गया। एमआईआर कराने आए 16 मरीज घंटों इंतजार करते रहे। बाद में मरीजों के विरोध को देखते हुए सेंटर संचालक की तरफ से सभी मरीजों को कैंट के रोटरी अस्पताल में भेज दिया गया जबकि तीन बीपीएल मरीजों का अपने खर्च पर रोटरी अस्पताल से स्कैन करवाया। टेक्नीशियन शुभम ने बताया कि उन्हें पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। इस बात को लेकर संचालक को बोला तो उन्हें साफ इन्कार कर दिया। ऐसे में वह काम छोड़ने को मजबूर हो गया।
शुक्रवार को एमआरआई करवाने आए अशोक बजाज, संतोष देवी व निर्मला का कहना था कि वह तीन से चार घंटे से इंतजार कर रहे थे कि एमआरआई होगा। आखिर में टेक्नीशियन ही चला गया, ऐसे में उनकी क्या गलती है। ऐसा दोबारा किसी मरीज के साथ नहीं होना चाहिए। उधर, शनिवार को सेंटर में जो नया टेक्नीशियन आया था तो उनके द्वारा 20 से 25 मरीजों कर स्कैन हुआ और बाकी मरीजों को अगले दिन आने का समय दिया गया। वहीं अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल के सेंटर की बात करें तो दो हजार से एमआरआई शुरू होकर पांच हजार रुपये तक का है, जबकि इन्हीं स्कैन के निजी सेंटरों में 3 हजार से 7 हजार रुपये तक का खर्च आता है।
विभाग व सेंटर संचालक के बीच पेमेंट का विवाद, मरीज भुगत रहे खामियाजा
उधर, कैंट के नागरिक अस्पताल में पीपीपी मोड यानी सार्वजनिक निजी भागीदारी से चल रहे बीएमआर सेंटर के संचालक सचिन का कहना है कि एक साल से स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी 4 करोड़ की पेमेंट नहीं की गई है जो बढ़ती जा रही है, ऐसे में उनके लिए भी कर्मचारियों का वेतन देना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है। एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग को भी दोबारा पत्र भेजकर राशि डलवाने के लिए बोला गया है ताकि सेंटर पर गहराए आर्थिक संकट को दूर किया जा सके।
सीटी स्कैन मशीन अभी भी नहीं हो सकी ठीक
पिछले एक सप्ताह से अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। बावजूद अभी तक यह मशीन ठीक नहीं हो पाई है। सीटी स्कैन के मरीजों को सेंटर से अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल भेजा जा रहा है। सेंटर संचालक सचिन की माने तो मशीन में छह डिटेक्टर है। लोड डलने के कारण बार-बार मशीन के डिटेक्टर उड़ रहे हैं। दिल्ली से इंजीनियर इन डिटेक्टर को डालने का काम कर रहे हैं। सोमवार तक मशीन के ठीक होने की उम्मीद है।
उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सेंटर की पेमेंट का निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाना है।
- डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला