अंबाला। राष्ट्रीय मींस-कम-मेरिट छात्रवृत्ति (एनएमएमएसएस) योजना के तहत शैक्षणिक सत्र की आगामी महत्वपूर्ण परीक्षा की तारीख सामने आ चुकी है। विद्यालय शिक्षा विभाग, हरियाणा द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस वर्ष यह छात्रवृत्ति परीक्षा 29 नवंबर रविवार को आयोजित की जाएगी। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में जिले से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन सुनिश्चित हो और योग्य छात्रों को आर्थिक सहायता व स्कॉलरशिप का लाभ मिल सके, इसके लिए शिक्षा विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
यह परीक्षा आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित होती है। इसके माध्यम से चयनित होने वाले योग्य विद्यार्थियों को उनकी आगे की स्कूली शिक्षा जारी रखने के लिए सरकार द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के अधिक से अधिक छात्र इस परीक्षा में हिस्सा लें और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएं।
विद्यार्थियों की परीक्षा की तैयारी को धार देने और उन्हें लिखित अभ्यास का पूरा अवसर देने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष कदम उठाए हैं। पिछले सत्रों के हल किए गए प्रश्न-पत्र, विभाग की ओर से विशेष रूप से तैयार किया गया एनएमएमएसएस प्रश्न-बैंक, और ओएमआर शीट के नमूने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ साझा किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओएमआर शीट पर अभ्यास करने से छात्रों को परीक्षा के दौरान गोले भरने में होने वाली सामान्य गलतियों से बचने में मदद मिलेगी।
प्रश्न-बैंक में मुख्य रूप से दो खंडों पर जोर
इसमें पहले स्तर शैक्षणिक योग्यता परीक्षण के तहत सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और गणित के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होंगे। इसी प्रकार दूसरे स्तर पर मानसिक योग्यता परीक्षण के तहत छात्र की तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखने वाले प्रश्न होंगे।
छात्रों और अभिभावकों के लिए निर्देश
परीक्षा हॉल में समय का सही उपयोग करने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को तय समय सीमा में हल करने का अभ्यास करें। उत्तर अंकित करने के लिए ओएमआर शीट भरने की सही तकनीक का अभ्यास पहले ही कर लें, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की दुविधा न हो। सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और गणित के बुनियादी अवधारणाओं (कक्षा 7वीं और 8वीं के पाठ्यक्रम) को अच्छी तरह से तैयार करें।
विद्यालय शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित विद्यालयों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को इस परीक्षा के लिए पूरी लगन से तैयार कराएं ताकि हरियाणा का प्रदर्शन इस राष्ट्रीय स्तर की स्कॉलरशिप परीक्षा में उत्कृष्ट रहे।
सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।