साहा। दुखेड़ी निवासी 67 वर्षीय शांति देवी की निर्मम हत्या की गुत्थी पुलिस ने आठवें दिन सुलझा ली। साइबर सैल की मदद लेते हुए पुलिस मामले की तह तक पहुंची तो महिला बुजुर्ग को बाइक पर छोड़ने वाला भतीजा ही हत्यारा निकला। पकड़े गए दुखेड़ी गांव निवासी अभिमन्यु उर्फ चिंटू ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि वह कर्जदार है।
ताई को बाइक पर छोड़ने के लिए चुड़ियाला की तरफ आया तो सोने की बाली और नकदी के लालच में आकर हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार कोर्ट में पेश कर आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। आरोपी ने कबूला कि पहले तो ताई का चुन्नी से गला दबा दिया था। जंगल में ले जाने के बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरा कुचल दिया। जाते समय चाकू से भी वार किए ताकि कोई सांस न बच सके।
निशानदेही के अलावा होगी चाकू की बरामदगी
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी अभिमन्यु को लेकर वारदात स्थल पर ले जाकर निशानदेही करेगी। चेहरे को कुचलने वाले पत्थर की बरामदगी के साथ-साथ चाकू भी जब्त करेगी। साथ ही पता लगाया जाएगा कि आखिर इस हत्याकांड में किसी ओर की संलिप्तता तो नहीं। इसके अलावा जेवरात भी बरामद किए जाएंगे।
यह था पूरा मामला
मृतका के बेटे दुखेड़ी गांव निवासी संजीव कुमार ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया था कि वह पांच बहन और भाई हैं। माता शांति देवी 15 मई को दोपहर दो बजे घर से संभालखा में पीर की चौकी भरने के लिए गई थी। चाचा का लड़का चुड़ियाला गांव निवासी अभिमन्यु बाइक पर छोड़कर आया था। माता वापस नहीं आई तो तलाश कर रहे थे। जंगल में मिले शव के पास से माता के कमरे की चाभी, कान से सुनने की मशीन, चश्मा और दांतों का नकली जबड़ा भी था। शव का चेहरा पत्थर से कुचला था। यहां तक कि लंबे समय तक शव पड़ा रहने के कारण आवारा कुत्तों तक ने उंगली को नोच लिया था।
मृतक शांति देवी