रेस्क्यू किया गया जंगली बिल्ला। दल
अंबाला। मटहेड़ी गांव में उस समय दहशत फैल गई जब ग्रामीणों ने एक घायल तेंदुए जैसे जानवर को गांव में पड़े देखा। मुंह पर चोट के कारण वह तड़प रहा था और दर्द के मारे किसी को पास नहीं आने दे रहा था।
सूचना मिलने पर जब वंदे मातरम दल की टीम मौके पर पहुंची, तो जांच में सामने आया कि वह तेंदुआ नहीं बल्कि एक बड़ा जंगली बिल्ला था, जिसकी कद-काठी पहली नजर में तेंदुए जैसी प्रतीत हो रही थी। टीम ने सतर्कता से उसे रेस्क्यू किया और उपचार दिलाया। तीन दिनों की देखभाल के बाद जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया, तो उसे सुरक्षित नारायणगढ़ के जंगलों में आजाद कर दिया गया। संवाद