अंबाला सिटी। शहर के नगर निगम के 20 वार्डों में सफाई कर्मचारी पर्याप्त नहीं हैं। इस वजह से वार्डों के पूरे क्षेत्र में सफाई नहीं हो पाती। इस बारे में कई बार पार्षद नगर निगम अधिकारियों को बता चुके हैं। यही नहीं नगर निगम की हाउस बैठक में भी मुद्दा पास हो चुका है। बावजूद इसके सफाई कर्मचारी वार्डों में नहीं दिए गए।
यह मुद्दा मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जनसंवाद कार्यक्रम में भी गूंजा। जहां पार्षदों ने मुख्यमंत्री से सफाई कर्मचारी देने की मांग की और मुख्यमंत्री ने जनसंख्या के आधार पर जल्द सफाई कर्मचारी देने का आश्वासन भी दिया।
बता दें कि शहर में सफाई कर्मचारियों के करीब 650 स्वीकृत पद हैं। इनमें से अभी निगम के पास करीब 450 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 250 पद खाली हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ प्रधान शंकर कुमार पम्मा ने बताया कि पक्के कर्मचारी 90 और कच्चे कर्मचारी करीब 415 कर्मचारी हैं। 2014 और 2019 में कर्मचारी रखे गए थे और उसके बाद कर्मचारी नहीं रखे। इस कारण कर्मचारियों पर कार्यभार रहता है।
पार्षद बोले, कर्मचारी कम, कहां कराएं सफाई
वार्ड-7 पार्षद मोनिका मल ने बताया कि उनके वार्ड में सफाई कर्मचारी पूरे नहीं हैं। करीब 27 कर्मचारी उनके वार्ड में थे। कई सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह कोई नहीं आया और कुछ छुट्टी पर होते हैं। करीब 12 से 13 कर्मचारी ही वार्ड में होते है। मल ने बताया कि कर्मचारी वार्ड में झाड़ू लगाए या नाला साफ करें, यह दिक्कत रहती है। उनकी मांग है कि क्षेत्र में जनसंख्या के हिसाब से वार्ड में सफाई कर्मचारी मिलें। उन्होंने पूरे शहर के लिए यह मुद्दा उठाया था, क्योंकि यह मुद्दा हाउस की बैठक में भी पास हो चुका है, लेकिन अभी तक सफाई कर्मचारी नहीं मिले।
और चाहिए 14 कर्मचारी : अमनदीप
वार्ड-12 पार्षद अमनदीप कौर ने बताया कि उनके वार्ड में सफाई कर्मचारियों की संख्या कम है। अभी करीब 26 कर्मचारी उनके वार्ड में है, जबकि 14 कर्मचारी और होने चाहिए। वार्ड के सरस्वती नगर, रणजीत नगर, मानव विहार, मानव चौक, महिंद्र नगर, बादशाही बाग एरिया में सफाई को लेकर दिक्कत रहती है। जो कर्मचारी वार्ड में काम कर रहे हैं, उनमें से ही ड्यूटी बदलकर लगाई जाती है।
दो शिफ्ट में कराना पड़ रहा काम
वार्ड-4 पार्षद विजय कुमार टोनी ने कहा कि उनके वार्ड में 23 कर्मचारी है। उनको 10 कर्मचारी और चाहिए। सफाई कर्मचारी कम होने से सुबह व दोपहर की शिफ्ट में वार्ड में सफाई करवानी पड़ती है। सभी वार्ड में ऐसी ही स्थिति है। नालों की सफाई के लिए अलग कर्मचारी होने चाहिए। यह कर्मचारी नियमित रूप से पूरे साल के लिए होने चाहिए। निगम सिर्फ बरसाती सीजन में ही नालों की सफाई के लिए कर्मचारी लगा देता है। उन्होंने हाउस की बैठक में यह मुद्दा उठाया था, मगर निगम अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं है।
सौंडा और आसपास सिर्फ दो कर्मचारी
वार्ड-18 पार्षद सरदूल सिंह ने बताया कि उनके वार्ड में 18 कर्मचारी हैं। उनकी 10 कर्मचारियों की मांग है। उनके वार्ड में सौंडा, सौंडा के आसपास की कॉलोनियों में दो ही कर्मचारी है। एरिया काफी बड़ा है। हाउस की बैठक में सफाई कर्मचारी बढ़ाने की मांग उठ चुकी है। अभी पार्षद कर्मचारियों के आने का इंतजार ही कर रहे हैं।
मैंने अभी प्रभार संभाला है। शहर की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा।
-संगीता तेतरवाल, कमिश्नर, नगर निगम
वार्ड-4 पार्षद विजय कुमार टोनी
वार्ड-4 पार्षद विजय कुमार टोनी
वार्ड-4 पार्षद विजय कुमार टोनी
वार्ड-4 पार्षद विजय कुमार टोनी