अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के नजदीक बनाए गए वाहन पैकिंग के कमरे में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट नहीं बल्कि पेट्रोल था। वाहन पैकिंग के लिए रखी गई घास-फूस में पहले बीड़ी के अनबुझे टुकड़े से आग लगी और इस दौरान नजदीक पड़ी पेट्रोल की बोतल फट गई और आग चारों तरफ फैल गई। अब इस लापरवाही को लेकर रेलवे ने ठेकेदार से जवाब तलब किया है। ऐसे में जवाब से संतुष्ट न होने पर ठेकेदार का ठेका भी निलंबित किया जा सकता है। वहीं पैकिंग की अब औचक जांच के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि यहां कोई भी ज्वलनशील पदार्थ न मिले।
वाहनों से निकालते हैं पेट्रोल
रेलवे का नियम है कि कोई भी वाहन पार्सल कार्यालय में बुकिंग के लिए आएगा तो पहले उसकी टंकी खाली की जाएगी ताकि इसमें पेट्रोल न रहे। इस कार्य को प्राइवेट ठेकेदार की मदद से करवाया जाता है। इस दौरान कई चालक वाहन से निकले पेट्रोल को अपने साथ लेकर नहीं जाते और इसे पैकिंग कार्यालय में ही छोड़ देते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन के चालकों को ये पेट्रोल बेच दिया जाता है क्योंकि उन्हें स्टेशन पर वाहन की टंकी के लिए पेट्रोल की बेहद आवश्यकता होती है। इस मामले की जांच में भी ऐसे ही कुछ तथ्य सामने आए हैं।
घटना 9 जनवरी को कैंट रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के नजदीक उस जगह पर हुई जो वाहन पैकिंग के लिए निर्धारित की गई है। प्राथमिक पूछताछ में ठेकेदार के कर्मचारियों ने बताया कि आग सीसीटीवी कैमरे की तारों में हुई शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। इस दौरान कर्मचारी घबराकर कमरे से बाहर भाग गए और वहां वाहन पैकिंग के लिए रखी बोरियां जलकर राख हो गई। लगभग 20 मिनट में आग पर काबू पाया गया। इस मामले में रेलवे ने जांच कमेटी का गठन किया था।
वाहन पैकिंग के दौरान कुछ पेट्रोल ठेकेदार के कर्मचारियों ने रखा था जोकि आग लगने का मुख्य कारण बना है। इस संबंध में ठेकेदार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है, अगर संतुष्ट जवाब नहीं मिलेगा तो ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।