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Ambala News: मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के उपचार की गूंज इटली तक पहुंची, आज जंतर-मंतर पर आंदोलन

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अंबाला। मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी के महंगे उपचार को लेकर आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर मरीज व उनके परिजन देशव्यापी आंदोलन करेंगे। दूसरे राज्यों की तरह आंदोलन में हरियाणा के बीमार बच्चों के माता-पिता भी अहम भूमिका निभाएंगे। इतना ही नहीं बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए इस आंदोलन की गूंज इंडिया के साथ-साथ विदेशों में भी है। हालांकि, विदेशों से लोग इस आंदोलन में हिस्सा नहीं बन रहे लेकिन सोशल मीडिया पर इटली व स्विट्जरलैंड से संबंधित बीमारी से ग्रस्त बच्चे व परिजन आंदोलन में साथ दे रहे हैं।
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देशभर के करीब 1178 मरीजों के परिजन सोशल मीडिया के जरिए एकजुट हो गए हैं। बता दें कि इस बीमारी में बच्चा 4-5 साल तक स्वस्थ होता है। 10 साल में चलना-फिरना बंद हो जाता है और व्हील चेयर पर आ जाता है। 15-20 साल की उम्र में बच्चे की मौत हो जाती है। परिजनों की मांग है कि करीब दो करोड़ की लागत से मिलने वाला उपचार उनके बच्चों को निशुल्क मिले। साथ ही अन्य सुविधाएं भी। गत दिवस ही हरियाणा में मानवाधिकार आयोग ने भी इस विषय को लेकर संज्ञान लिया है और जवाब मांगा है।
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी उपचार को लेकर छह फरवरी को अंबाला में एक बड़ा आंदोलन हुआ था। पूरे हरियाणा से मरीज व उनके परिजन एकजुट हुए थे। पहले तो बाजारों में मार्च निकाला था और जगह-जगह लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उपचार की आवाज उठाई थी। बाद में व्हीलचेयर तो पैदल ही विभिन्न बाजारों से होता हुए गृहमंत्री अनिल विज के निवास स्थान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक मांग पत्र भी सौंपा था।
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अलग-अलग शहरों से दिल्ली के लिए हुए रवाना
दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलन के लिए प्रदेशभर से मरीज व उनके परिजन वीरवार देर शाम रवाना हुए। सोशल मीडिया ग्रुप पर सभी ने अपने शहरों से ट्रेनों व गाड़ियों से निकलते हुए की फोटो भेजी। बता दें कि बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उडिसा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों से परिजन इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
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