माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। बैंक से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाखों रुपये का लोन लेने के मामले में सत्र न्यायालय ने निचली अदालत की ओर से आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित करने में विफल रहा है।
मामले के एक मुख्य आरोपी की मृत्यु होने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही पहले ही बंद कर दी गई थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल पुलिस कस्टडी में दिए गए बयानों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।