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Ambala News: बदली धान खरीद की तारीख, किसानों की धड़कनें तेज

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मुलाना की अनाजमंडी में खुले में पड़ा धान। संवाद
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मुलाना। हरियाणा की मंडियों में धान की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू करने की घोषणा के बाद अब सरकार की ओर से धान की खरीद एक से शुरू होगी। किसान एक सप्ताह पहले खरीद शुरू से खुश थे। अब देरी होने से उनके चेहरे में मायूसी है।
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बता दें कि मुलाना और बराड़ा साहा की अनाज मंडियों में धान की फसल आना शुरू हो गई है लेकिन आढ़तियों को प्रशासन की और से बारदाना नहीं मिल पा रहा। इसके चलते किसान और आढ़तियों ने प्रशासन पर बारदाना उपलब्ध न करवाने के आरोप लगाए हैं। अनाज मंडी में बारदाना न मिल पाने और राइस मिलर्स के साथ सरकार का समझौता न होने तथा धान का उठान न होने की समस्या के चलते अनाज मंडी के आढ़तियों ने हड़ताल कर दी है।
मंगलवार को अनाज मंडी मुलाना में आढ़तियों ने एक बैठक की। बैठक में मंडी प्रधान रणजीत सिंह व मंडी के काफी संख्या में आढ़ती मौजूद रहे। अनाज मंडी मुलाना में मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा। आढ़तियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण किसानों के सामने समस्या पैदा हो गई है। अनाज मंडी मुलाना धान से अटी पड़ी है। किसान को अनाज मंडी में धान उतारने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है। इस समस्या के चलते किसान परेशान हैं। खरीद न होने के बावजूद मुलाना अनाज मंडी में करीब 47 हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है।
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नहीं हो रही धान की तुलाई : जितेंद्र
जितेंद्र चौहान का कहना है कि मंडी में धान लेकर पहुंचे हैं। यहां आकर पता चला कि आढ़ती हड़ताल पर हैं। धान की तुलाई नहीं हो रही और न ही धान भरने के लिए बारदाना है। जब आढ़ती से इस बाबत पूछा तो उसे जवाब मिला कि अभी कोई भरोसा नहीं, जबकि अनाज खुले में पड़ा है।
मंडी में नहीं मिला बारदाना : गुरतेज
गुरतेज गिरी बताते हैं कि पहले सरकार ने 23 सितंबर से खरीद शुरू करने का निर्णय लिया था। जब यहां धान लेकर पहुंचे तो पता चला कि खरीद एक अक्टूबर से होगी। मंडी में बारदाना नहीं है। धान खुले में पड़ा है, ऊपर से मौसम खराब है। इस समय काफी परेशानी हो रही है।
वर्जन
तीन जिलों में आढ़ती हड़ताल पर हैं। आढ़तियों को बारदाना नहीं मिल रहा। वहीं, मंडी से उठान समय पर नहीं होता। इस कारण आढ़ती हड़ताल पर हैं। किसानों से अपील है कि अनाज मंडी धान से भरी पड़ी है, मंडी में धान को सुखाने के लिए जगह नहीं है, इसलिए किसान पूरी तरह तैयार हो चुकी धान की फसल को लेकर ही मंडी में आएं।
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रणजीत सिंह, प्रधान, मुलाना आढ़ती एसोसिएशन।

मुलाना की अनाजमंडी में खुले में पड़ा धान। संवाद

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