अंबाला सिटी। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार की अदालत ने वीरेंद्र शर्मा बनाम रमेश कुमार मामले में ट्रायल कोर्ट के पुराने फैसले और डिक्री को रद्द कर दिया है।
अपीलकर्ता वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया था कि वह और प्रतिवादी बराड़ा के गांव अधोया माजरा में स्थित 5 कनाल भूमि के सह-मालिक थे। शर्मा का दावा था कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए अन्य सह-मालिकों ने अवैध रूप से जमीन के विशिष्ट हिस्सों को अन्य लोगों को बेच दिया और वहां दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया। दूसरी ओर, प्रतिवादियों का तर्क था कि वीरेंद्र शर्मा के पिता, ज्ञान चंद ने अपने जीवनकाल में ही पूरी जमीन बेच दी थी और शर्मा का अब इस संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं बचा है।
सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि निचली अदालत ने 30 सितंबर 2019 को मामले में कुछ अतिरिक्त मुद्दे तय किए थे, जिनमें भूमि अधिग्रहण अधिनियम से संबंधित पहलू भी शामिल थे।
24 नवंबर 2021 को फैसला सुनाते समय ट्रायल कोर्ट ने इन अतिरिक्त मुद्दों पर कोई निर्णय नहीं दिया और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 20 नियम 5 के तहत अदालत के लिए प्रत्येक मुद्दे पर अपना निष्कर्ष देना अनिवार्य है, ऐसा न करना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। अदालत ने अब इस मामले को वापस ट्रायल कोर्ट भेज दिया है। सभी पक्षों को 9 फरवरी अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। ब्यूरो