रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का नक्शा। फाइल फोटो
अंबाला। 500 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का नवनिर्माण अब 300 करोड़ की लागत से किया जाएगा। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने नक्शे में बदलाव करके निर्माण की कीमत को कम किया है। इसके तहत स्टेशन के आसपास पड़ी खाली जमीन का अभी विस्तार नहीं किया जाएगा। इसमें स्टेशन परिसर के मुख्य हिस्से को ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।
आरएलडीए की ओर से तैयार नक्शे को अब मान्यता के लिए रेलवे बोर्ड के पास भेजा है। उम्मीद जताई गई है कि आगामी दो से तीन हफ्ते में इस नक्शे पर मोहर लगेगी। नक्शे की मान्यता के साथ फंड का भी इंतजार किया जा रहा है। हालांकि आरएलडीए के अधिकारियों ने प्राथमिक चरण में 100 करोड़ रुपये का फंड मिलने की उम्मीद जताई है। अब यह देखना है कि आरएलडीए की ओर से तैयार किए नक्शे को मान्यता मिलती भी है या नहीं, कहीं पिछली बार की तरह इस बार भी कुछ खामियां निकालकर इसे वापस न लौटा दिया जाए।
चार बार बन चुका नक्शा
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नवनिर्माण के लिए पिछले लगभग 15 वर्षों से योजनाएं तैयार की जा रही हैं। पहले फ्रांस की टीम ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का बीड़ा उठाया था। टीम लगभग डेढ़ से दो माह तक स्टेशन की खाक छानती रही। बावजूद इसके स्टेशन का नवनिर्माण नहीं हो पाया। इसके बाद चंडीगढ़ आर्किटेक्ट कॉलेज के विशेषज्ञों की भी मदद ली गई और उन्होंने रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का खाका भी तैयार किया, लेकिन ये योजना भी कागजों में ही सिमट कर रह गई। अब चौथी बार आरएलडीए ने नक्शा तैयार किया है।
चंडीगढ़ स्टेशन पर लग रहे 462 करोड़
उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन सबसे बड़ा और व्यस्त रेलवे स्टेशन है। यहां रोजाना 250 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है और 50 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। बावजूद इसके चंडीगढ़ स्टेशन पर मात्र 82 ट्रेनों का आवागमन होता है और स्टेशन से रोजाना 17 जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 462 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यहीं से सबक लेते हुए और बजट को मद्देनजर रखते हुए रेलवे ने छावनी में बजट कम करने की योजना बनाई है। चंडीगढ़ स्टेशन का निर्माण जनवरी 2023 में शुरू हुआ था और अभी तक 85 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। हालांकि पिछले दिनों चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दौरे के दौरान रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रवनीत सिंह ने कहा था कि मई 2025 तक स्टेशन को तैयार कर दिया जाएगा।
वर्जन
आरएलडीए ने नक्शा तैयार कर दिया है जोकि अब मान्यता के लिए रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया है। उम्मीद है कि आगामी दो-तीन हफ्ते में यह फाइनल हो जाएगा। इसके बाद फंड आते ही काम भी शुरु करवा दिया जाएगा।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।