अंबाला सिटी। शहर में बदहाल पड़े पार्कों और ग्रीन बेल्ट की हालत को सुधारने के लिए निगम ने कार्य शुरू कर दिया है। निगम शहर के बदहाल पार्कों और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव के लिए आउटसोर्स कंपनी को टेंडर देगा। यह कंपनी पार्कों और ग्रीन बेल्ट का रखरखाव करेगी। सरकारी और नगर निगम की बैठकों में पार्कों की बदहाली का मुद्दा कई बार उठ चुका है।
बता दें कि निगम के पार्षद भी इसको लेकर शिकायत करते हैं और निगम के पोर्टल पर भी पार्कों की बदहाली को लेकर कई शिकायतें पहुंचती हैं। टेंडर होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा उन एरिया के पार्कों में होगा, जहां रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी नहीं हैं। वहां के पार्कों के लिए निगम टेंडर देगा, जबकि जहां रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी पार्कों का रखरखाव कर रही हैं, वहां सोसाइटी को ही कार्य सौंपा जाएगा। शहर में करीब 150 पार्क हैं। पार्कों की हालत सुधरने से लोगों को सुबह व शाम को सैर करने में भी परेशानी नहीं होगी।
सेक्टर व कॉलोनियों में कई पार्क ऐसे हैं, जहां बदहाल व्यवस्था
शहर के सेक्टर व कॉलोनियों में ज्यादातर ऐसे पार्क हैं, जिनकी व्यवस्था काफी बदहाल है। इन पार्कों में कोई रखरखाव नहीं करता। बेसहारा पशु पार्कों में घूमते रहते हैं। बिजली की व्यवस्था नहीं है। चारदीवारी टूटी पड़ी हैं। बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। अब ऐसे पार्कों की सूरत बदल
कई रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी पार्कों को अच्छा संभाल रही
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी पार्कों को बेहतरीन ढंग से संभाल रही हैं। निगम इन सोसाइटी को पार्कों के रखरखाव के लिए 3 रुपये प्रति स्कवेयर फुट के हिसाब से पैसा देता है, हालांकि यह पैसा सोसाइटी को समय पर नहीं मिलता। सेक्टर या कॉलोनियों में जहां भी सोसाइटी बनी हुई हैं, वहां कई सोसाइटी पार्कों को संभाल रही हैं।
पार्क के रखरखाव की मिसाल
7 साल पहले एक बेंच से की थी शुरूआत, आज पार्क में म्युजिकल फव्वारा भी लगा
शहर के सबसे सुंदर पार्कों में से एक जेल लैंड के पास हर्बल पार्क है। इस पार्क का रखरखाव अर्बन वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष कुलवंत सिंह वालिया के नेतृत्व में कर रही है। कुलवंत सिंह वालिया ने बताया कि सोसाइटी पिछले सात साल से पार्क का रखरखाव कर रही है। पहले पार्क बदहाल अवस्था में था। सेवाभाव के उद्देश्य से एक बेंच लगाकर सोसाइटी ने पार्क के रखरखाव की शुरूआत की थी। सोसाइटी के 50 सदस्य हैं। हर सदस्य से प्रति माह 500 रुपये लिए जाते हैं। निगम से पिछले एक साल से रखरखाव का फंड नहीं मिला है, इसको लेकर निगम अधिकारियों को मिल भी चुके हैं। सोसाइटी ने पार्क में म्युजिकल फव्वारा भी लगवाया है। सात से आठ झूले लगाए गए हैं। सोसाइटी ने अपने खर्च पर 4 माली भी रखे हुए हैं। वालिया ने बताया कि वह 35 साल से रोटेरियन हैं और पीपल्स वेलफेयर एसोसिएशन से भी जुड़े हैं। वह इसमें उपप्रधान हैं। सोसाइटी बच्चों को निशुल्क पढ़ाने से लेकर मेडिकल तक की सुविधा दे रही है। साथ ही अन्य कई सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं।
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वर्जन
बदहाल पड़े पार्कों और ग्रीन बेल्ट की हालत को सुधारने के लिए निगम आउटसोर्स कंपनी को टेंडर दे रहा है। जिससे शहर के पार्कों और ग्रीन बेल्ट का रखरखाव हो सकेगा और शहर सुंदर दिखेगा। इसके लिए निगम अधिकारी अपनी तैयारी कर रहे हैं। शहर में 150 पार्क है।
शक्ति रानी शर्मा, मेयर नगर निगम।
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वर्जन
कई जगहों पर रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी पार्कों का रखरखाव बेहतरीन तरीके से कर रही है, मगर शहर में ज्यादातर जगहों पर पार्कों और ग्रीन बेल्ट की हालत ठीक नहीं है। इसको लेकर पार्षदों की भी शिकायत रहती है और लोग भी पोर्टल पर शिकायत करते हैं। जिन पार्कों का रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी रखरखाव नहीं कर रही, ऐसे पार्कों व ग्रीन बेल्ट को चिन्हित कर रखरखाव के लिए टेंडर दिया जाएगा। ऐसे सभी पार्कों का एक ही आउटसोर्स कंपनी रखरखाव करेगी। जल्द ही यह टेंडर लगाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।