अंबाला। रेलवे के खाली व कंडम क्वार्टर नशेड़ियों की ऐशगाह बन गए हैं। दिन के उजाले में ही यहां नशेड़ी भांग रगड़ते और चिट्टा सूंघते नजर आ जाते हैं। हैरानी की बात है कि चंद कदमों की दूरी पर मंडल रेल प्रबंधक का कार्यालय है।
इन क्वार्टरों के नजदीक सनातन धर्म मंदिर भी, बावजूद इसके न तो पुलिस ने इन पर कोई कार्यवाही की है और न ही आरपीएफ ने। जबकि वार्ड के पूर्व पार्षद सन्नी तुली जान जोखिम में डालकर नशेड़ियों को खदेड़ने में जुटे हुए हैं। बावजूद इसके वो अपनी इस मेहनत में कामयाब नहीं हो पा रहे। मामले की सच्चाई जाने के लिए जब अमर उजाला की टीम ने इन कंडम क्वार्टरों का दौरा किया तो यहां चार से पांच नशेड़ी मिल गए जोकि भांग के पौधों से नशे की खुराक बनाने में जुटे हुए थे। इसी प्रकार नजदीक ही दूसरे क्वार्टरों से चिट्टे को लेकर कुछ जले हुए कागज मिले जोकि सूंघने के लिए नशेड़ी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इन कंडम क्वार्टरों के पास सैकड़ों रेल कर्मचारी परिजनों संग रहते हैं, लेकिन वो डर के साए में जी रहे हैं कि कहीं यह नशेड़ी उन पर हमला न कर दें। इससे चोरी का डर भी सता रहा है। वहीं यह भी सामने आया है कि रात के समय इन क्वार्टरों में अनैतिक कार्य भी चल रहे हैं।
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तीन साल से पहले घोषित हुए थे कंडम
रेलवे कॉलोनी में सनातन धर्म मंदिर के नजदीक 100 से अधिक रेलवे क्वार्टर बने हुए हैं। इसमें से 30 से 35 क्वार्टरों को रेलवे ने दो-तीन साल पहले कंडम घोषित कर दिया था। रेलवे ने अधिकांश क्वार्टरों को गिरा दिया है, लेकिन अभी भी आठ से दस क्वार्टर खड़े हुए हैं और इन्ही क्वार्टरों में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है।
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रोजाना आ रहे 100 से अधिक से अधिक ओपीडी
अंबाला सिटी सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि रोजाना 100 से अधिक ओपीडी उनके पास आ रही है। इसमें मानसिक परेशानी और नशे से जुड़े कुछ मामले भी हैं। जिन्हें उपचार व दवाइयों के माध्यम से ठीक करने की कोशिश की जा रही है। इसमें सबसे बड़ा योगदान परिजनों का बेहद जरूरी है जोकि नशा करने वाले व्यक्ति को ही सही व गलत के बारे में जानकारी दे सकते हैं। अंबाला में जो युवा हैं वो चिट्टा और भांग पी रहे हैं और जो उम्र दराज हैं वो शराब के आदी9 हैं। वहीं नशे की रोकथाम के लिए कई सामाजिक संस्थाएं भी सहयोग दे रही हैं।
कॉलोनी में भांग के पौधों की भरमार
रेलवे कॉलोनी में भांग के पौधों की भरमार है। प्राप्त जानकारी अनुसार इन भांग के पौधों को काटने के लिए रेलवे की तरफ से निविदा भी जारी की गई थी, बावजूद इसके यह पौधे काटे नहीं गए। अब इन्ही पौधों को नशेड़ी अपना सहारा बना रहे हैं ताकि उनके नशे की आपूर्ति हो सके।
मामला संज्ञान में आया है। कंडम रेलवे क्वार्टरों को जल्द ही ध्वस्त करवा दिया जाएगा और भांग के पौधों को भी नष्ट किया जाएगा। इसके अलावा नशा बेचने और करने वालों पर भी सख्ती की जाएगी ताकि रेलवे कॉलोनी का माहौल न बिगड़े।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।