माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड की पीड़ित व्यक्ति को पूरी राशि ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने फोर क्लोजर चार्ज वसूलने को भी पूरी तरह गलत बताया है। रविंद्र ने आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। आयोग के चेयरमैन डॉ. आरके डोगरा ने मामले में सभी पक्षों को सुना।
प्रतिवादी के अधिकारी ने ब्याज शुल्क के रूप में 3,71,016 रुपये और फौजदारी शुल्क के रूप में 4,84,200 रुपये की राशि गलत तरीके से एकत्र की। शिकायतकर्ता ने पानीपत शाखा का दौरा किया और अपनी राशि वापस करने की मांग की लेकिन प्रतिवादी ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया और शिकायतकर्ता को धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने इस बारे में श्रुति सराफ प्रिंसिपल नोडल ऑफिस आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड को एक आवेदन भी दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 12 मार्च 2024 को कानूनी नोटिस भी भेजा गया। इस पर कोई असर नहीं हुआ। इस कारण शिकायतकर्ता आयोग में पहुंचा। प्रतिवादी को झूठी प्रस्तुति के कारण शिकायतकर्ता को 8,55,216 रुपये की दावा राशि का भुगतान करने और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 50 हजार रुपये के साथ मानसिक पीड़ा और पीड़ा के लिए दो लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया जाए। नोटिस के बावजूद विपक्षीगण की और से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे छह फरवरी के आदेश के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की गई।