अंबाला सिटी। केंद्रीय बजट पर किसान और महिलाएं भी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि बीते महीनों में आटे और दाल के दाम काफी बढ़ गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि बजट में इन पर लगने वाले कर में कुछ कटौती होगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।
इधर, किसानों ने भी सरकार के उम्मीद लगाईं हैं। किसानों ने कहा कि खाद के दामों और उपलब्धता से लेकर पराली प्रबंधन में मिलने वाले अनुदान राशि में भी सरकार को बढ़ोतरी करनी चाहिए। इसके साथ ही खरपतवारों पर कर की सीमा को थोड़ा कम करना चाहिए। इससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
पराली प्रबंधन की राशि बढ़े
किसान खुशप्रीत सिंह ने बताया कि सरकार को पराली प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाते हुए उसके अनुदान राशि में बढ़ोतरी करनी चाहिए। इसके साथ ही गांठें बनाने के लिए जो मशीन सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है, उसका दायरा भी बढ़ाना चाहिए।
खाद और खरपतवार पर घटे जीएसटी
किसान दारा सिंह ने बताया कि किसानों को अब फसलों के लिए खाद और खरपतवार की अधिक आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में कंपनियां भी इनके दामाें को अपने अनुसार बढ़ाती रहती है। इसलिए सरकार को इनके कर में थोड़ी कमी लानी चाहिए। जिससे किसानों का खर्च थोड़ा कम हो सके।
महंगाई ने बढ़ाया बजट
गृहिणी संगीता ने बताया कि बीते माह से ही आटे के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। 30 रुपए से बढ़कर आटा 38 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। दाल के दाम भी 10 से 20 रुपए तक बढ़ गए हैं। ऐसे में सबसे जरूरी चीज के दाम बढ़ने से उनके घर का बजट बढ़ गया है।
पेट्रोल की दाम में हो कमी
अध्यापिका प्रियंका ने बताया कि इन दिनों पेट्रोल के दाम बहुत अधिक बढ़ गए हैं। ऐसे में रोजाना आने-जाने वालों को राहत देने के लिए सरकार को पेट्रोल के कर में कटौती करनी चाहिए। इसके साथ ही घरेलू सामान में भी कटौती करनी चाहिए।
किसान दारा सिंह
किसान दारा सिंह
किसान दारा सिंह