संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। श्री कृष्णा क्लब द्वारा आयोजित 96 वीं श्री राम लीला मंचन में मंगलवार रात्रि को श्रवण कुमार प्रसंग का मंचन किया गया। रामलीला में दूसरे दिन श्रवण कुमार की ओर से माता-पिता की सेवा करने का दृश्य खूब सराहा गया।
मंचन में श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को चार धाम की यात्रा के लिए ले जाते हैं। यात्रा के दौरान उनके माता-पिता को प्यास लगती है। तब श्रवण कुमार उन्हें अयोध्या नगरी में एक वृक्ष के नीचे बैठाकर उनके लिए नदी से जल लेने के लिए चला जाता है। इसी दौरान अयोध्या नगरी के राजा दशरथ वहां शिकार के लिए पहुंच जाते हैं।
इसके बाद राजा दशरथ नदी पर जंगली जानवर की आवाज समझकर श्रवण कुमार को तीर मार देते हैं। इससे श्रवण कुमार तड़पने लगते हैं। श्रवण कुमार की तड़पने की आवाज सुनकर राजा दशरथ वहां पहुंचते हैं और अपनी गलती का पश्चाताप करते हुए श्रवण कुमार से क्षमा मांगते हैं। इसी बीच श्रवण कुमार अपनी अंतिम सांस लेते हुए अपने अंधे माता-पिता को राजा दशरथ से उन तक जल पहुंचाने की विनती करते हैं।
विनती स्वीकारते हुए राजा दशरथ श्रवण के बूढ़े माता-पिता को जल पिलाने को उनके पास जाते हैं और वह सारे घटनाक्रम को बताते हैं। जिससे गुस्से में आकर श्रवण कुमार के अंधे माता-पिता राजा दशरथ को पुत्र वियोग में तड़पने का श्राप देते हुए स्वर्गलोक को पधार जाते हैं। इसको देखकर दर्शक भावविभोर होते नजर आए।