कृषि कानून के विरोध में किसानों द्वारा 6 फरवरी को चक्का-जाम के एलान ने प्रशासन की दिक्कतें एक बार फिर से बढ़ा दी है। पिछले चार माह में प्रशासन और किसान कई बार आमने सामने हो चुके हैं। अभी तक हर बार किसान प्रशासन पर हावी नजर आए हैं। अलबत्ता तत्कालीन एसपी राजेश कालिया को तबादले का दंश भी झेलना पड़ा था। अब इस बार टकराव को टालने के लिए प्रशासन ने रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले प्रशासन किसानों को मनाने का प्रयास करेगा। बात नहीं बनी तो प्रशासन सख्ती के साथ लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए रूट डायवर्ट करते हुए आंदोलनकारियों पर शिकंजा तक कसने की कार्रवाई कर सकता है। इसी को लेकर पुलिस विभाग द्वारा कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग भी पुलिस लाईन में दी जा रही है। इतना ही नहीं सही स्थिति के आंकलन के लिए खुफिया तंत्र को भी लगा दिया गया है जोकि अब किसानों के बीच रहकर पल पल की खबर अपने अधिकारियों को दे रहे हैं। बता दें कि 6 फरवरी को किसानों ने 3 घंटे के चक्का जाम करने का ऐलान करते हुए अंबाला-अमृतसर नेशनल हाईवे और अंबाला-हिसार राज्य हाईवे को जाम करने की चेतावनी दी है।
वकीलों के समर्थन से किसानों का बढ़ा हौसला
बुधवार को शंभू बार्डर पर किसानों का समर्थन करने के लिए पहुंचे वकीलों ने सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किसानों का हौसला बढ़ाया। साथ ही हर कदम पर किसानों का हर तरह का सहयोग देने की किसानों को बात कहीं, साथ ही 6 फरवरी को होने वाले चक्का जाम का पूरा समर्थन किया। वकील रोहित जैन ने बताया कि वह सिंघु बार्डर पर जाकर पहले ही किसानों को पूरा समर्थन दे चुके हैं और बुधवार को शंभू बार्डर पर अधिक से अधिक वकीलों ने पहुंचकर किसानों की जायज मांगों को सरकार से पूरा करने की मांग की है।
गांव स्तर पर गठित की गई टीमें
नेशनल हाईवे जाम करने को लेकर किसानों की तैयारी पूरी है। गांव स्तर पर टीमों का गठन हो चुका है और अब घर-घर जाकर न्यौता देने का काम किया जा रहा है। जिससे कि अधिक से अधिक युवा और बुजुर्ग किसान इस चक्का जाम में भाग लेते हुए इस आंदोलन को सफल बनने का काम करें। किसानों ने साफ ऐलान कर दिया है अगर सरकार फिर भी उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं देती है तो मोर्चा के आदेशों पर वह आगे की रणनीति तैयार करते हुए आंदोलन को सफल बनाने का काम करेंगे।
पुलिस की ओर से पूरी तैयारी है। कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाएगा। अगर कोई फिर भी कानून के साथ खिलवाड़ करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुल्तान सिंह, डीएसपी, हेड क्वार्टर।