अंबाला। प्रिंस का अपहरण करने वाले बिहार निवासी नीतीश ने अपने ग्रहदोष टालने के लिए अपहरण का रास्ता अपनाया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शादी के बाद नीतीश के पास दो बच्चे थे।
अचानक दो साल पहले दोनों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसी गम के चलते उसकी मुलाकात बिहार में ही रहने वाले एक तांत्रिक से हुई। उसके संपर्क में आने के बाद तीसरा बच्चा तो हो गया था, लेकिन तांत्रिक ने कहा कि अभी भी परिवार के ऊपर ग्रहदोष चल रहा है। इसलिए दो बच्चों के सुच्चे बालों का खुद के हाथों ही मुंडन कराना होगा। इस क्रिया के लिए नीतीश के पास अपना बच्चा तो था, लेकिन दूसरे की जरूरत थी।
पहले तो वह कई से बोला लेकिन किसी ने नहीं मानी। आखिर में उसने कटिहार स्टेशन पर प्रिंस को देखकर अपहरण करने का मन बनाया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। उधर, महेश नगर थाने में प्रिंस को देखकर उसकी मां कंकला के आंसू छलक पड़े। मां की कहा कि उसने बच्चे को पाने के लिए माता रानी से खूब मन्नतें मांगी थी और उसी का नतीजा है कि बच्चा हजारों किलोमीटर से सुरक्षित मिल गया।
आरोपी शुभ दिन का कर रहा था इंतजार
महेश नगर थाना प्रभारी रामपाल ने बताया कि साइबर सैल की मदद से नीतीश के मोबाइल को ट्रेस किया था और उसके जरिये वह नीतीश के संपर्क में आने वालों तक पहुंचे थे। बाद में पता लगा कि नीतीश अपने ससुराल में है। पुलिस की टीम पहुंची तो नीतीश घर पर था और प्रिंस घर के बरामदे में ही खेल रहा था।
नीतीश की मानें तो तांत्रिक ने कहा था कि शुभ दिन में ही यह मुंडन करना है। इसलिए वह पिछले आठ दिन से ही उस समय का इंतजार कर रहा था कि वह अपने बेटे और प्रिंस के सुच्चे बालों का एक साथ मुंडन कर सके। इस सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने प्रिंस के पिता से भी संपर्क किया और उसे साथ लेकर प्रिंस को ढूंढा था।