अंबाला सिटी। लावारिस कुत्ते शहर में रोजाना लोगों को काट रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में लोग टीके लगवाने के लिए पहुंचते हैं। नगर निगम की ओर से लावारिस कुत्तों की नसबंदी का कार्य बीते वर्षों में शुरू किया गया था, लेकिन अभी यह अभियान बंद है। निगम की ओर से दिसंबर 2023 तक तो कुत्तों की नसबंदी की गई पर उसके बाद निगम टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ सकी। अब नए सिरे से टेंडर करने की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में यह टेंडर होने की उम्मीद है।
निगम 3 वर्ष में 13000 कुत्तों की नसबंदी कर चुका
नगर निगम की ओर से जून 2020 से लेकर दिसंबर 2023 तक शहर में करीब 13,782 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की गई। इसके बाद यह टेंडर खत्म हो गया और दोबारा सिरे नहीं चढ़ सका। अब दोबारा टेंडर को किया जा रहा है। वहीं, लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने के लिए एजेंसी भी दिलचस्पी नहीं दिखाती। निगम के सामने यह समस्या भी आती है।
लावारिस कुत्तों के कारण सेक्टर व कॉलोनियों में ज्यादा दिक्कत
शहर में सेक्टर और कॉलोनियों में आवारा कुत्तों के कारण ज्यादा दिक्कत आती है। आवारा कुत्ते रोजाना लोगों को काट रहे हैं। रास्ते से भी लोगों को निकलने नहीं देते। कई बच्चों को भी लावारिस कुत्ते काटकर घायल कर चुके हैं। वहीं, जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्तों के काटने के मरीज पहुंच रहे हैं। इसे लेकर नगर निगम की हाउस बैठक में भी कई बार मुद्दा उठ चुका है। अब नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
आवारा कुत्तों की नसबंदी करने के लिए टेंडर करने की प्रक्रिया चल रही है। यह टेंडर प्रक्रिया दिसंबर माह में पूर्ण होने की उम्मीद है।
- सुशील कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।