संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। त्योहार पर यात्रियों को लंबी दूरी की बसें नहीं मिल रही हैं। इसका फायदा प्राइवेट टैक्सी और ऑटो चालक उठा रहे हैं और चांदी कूट रहे है। रात के समय कई रूटों की बस नहीं मिलने पर यह चालक यात्रियों को उनके घरों तक छोड़ने के मनमाने रेट वसूल रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार के कई रूटों पर बस नहीं हैं, जो अतिरिक्त बस चला रहे हैं, उसमें भी मारामारी है। इसी प्रकार से रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालक भी मनमर्जी कर रहे हैं।
अंबाला से दिल्ली जाने के लिए टैक्सी चालक 400 रुपये वसूलते हैं लेकिन त्योहार को देखते हुए यही टैक्सी चालक 400 से एक हजार रुपये वसूल रहे हैं और यात्रियों को दिल्ली बाईपास पर छोड़ रहे है।
अगर किसी यात्री को दिल्ली के अंदर या फिर धोला कुआं तक जाना है तो टैक्सी चालक प्रत्येक यात्री 200 रुपये अतिरिक्त ले रहे हैं। मेरठ की बात की जाए तो टैक्सी चालक रात के समय अंबाला बस अड्डे के बाहर से 800 रुपये से एक हजार रुपये तक ले रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट बस चालक गोरखपुर और नेपाल बॉर्डर के दो हजार रुपये ले रहे हैं।
अंबाला से अगर किसी को चंडीगढ़ जाना है तो टैक्सी चालक तीन सवारियों से दो हजार रुपये से 2500 रुपये वसूल रहे हैं। इसके साथ ही ऑटो चालक भी किसी से कम नहीं है। एक ऑटो चालक यमुनानगर तक जाने जाने के 2500 से 2700 रुपये वसूल रहे हैं।