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Ambala News: व्यवस्थाओं की खुली पोल, जलभराव से आफत

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अंबाला सिटी। जिले में बुधवार देर रात व वीरवार सुबह हुई 37 मिलीमीटर बारिश ने नगर निगम के एक महीने से चल रही निगम की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। मानसून की पहली बारिश से ही अंबाला की शान कहे जाने वाले अंबिका देवी मंदिर और स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालय यानी सीएमओ कार्यालय के अंदर व बाहर तक कई फुट पानी भर गया। मंदिर व मुख्यालय में आने जाने के लिए भी लोगों को परेशानी हुई और पानी से होकर ही उन्हें गुजरना पड़ा।
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वहीं बारिश के चलते कॉलोनियों से लेकर सेक्टरों में भी कई फुट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोग अपने वाहनों को पानी से निकालने के लिए मशक्कत करते नजर आए। गलियाें में भरा हुआ गंदा पानी घरों के भीतर चला गया। इसके साथ ही रोडवेज वर्कशॉप, सुषमा स्वराज बस अड्डे पर पार्किंग की तरफ पानी भरा रहा। जिससे लोगों को पानी में ही अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ा। दिन भर लोगाें को गंदे पानी की बदबू में ही रहना पड़ा। कई वाहन चालकों के वाहन भी पानी के कारण बिगड़ गए। रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर गया। लोगों को कई किलोमीटर लंबा रास्ता तय करके लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
सेक्टरों में लाखों रुपए खर्च फिर भी पानी से नहीं मिली निजात
कुछ समय पहले ही सेक्टरों में बरसाती पानी की निकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से स्ट्रॉम वाटर पाइप लाइन को दुरूस्त करवाया गया था लेकिन पहली बारिश ने ही प्रशासन के दावों की पोल खोल दी सेक्टर 8 व 9 में एंट्री और एग्जिट पर जलभराव था। लोगों के घरों तक में पानी घुस गया था। वह मोटर लगाकर परिवार के साथ घर से पानी निकालते दिखे। वहीं नाले का पानी भी घरों में वापस आता दिखा। आलम यह था कि यहां पर पानी निकालने के लिए लगाए गए तीन-तीन पंप सेट भी जलभराव को दूर नहीं कर सके। पूरे दिन लोगों को अपने घरों तक जाने के लिए कई कई मीटर तक लंबा घूम कर जाना पड़ा। सेक्टर 8 व 9 के लोगों ने पहले ही प्रशासन को आगाह किया था कि उनके यहां ठीक से पानी की निकासी के इंतजाम किए जाएं। सेक्टर नौ निवासी दलजीत सिंह भाटिया ने कहा कि पहली बारिश ने ही प्रशासन की पोल खोल दी है। इसी प्रकार सेक्टर 7 में सुबह के समय पानी भरा मगर यहां पर दो घंटे की मशक्कत के बाद पानी निकल गया। यहां की रेसिडेंशियल वेलफयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा ने बताया कि सेक्टरों में जब तक एक सुव्यवस्थित पानी निकासी की योजना नहीं बनेगी तब तक ऐसी परेशानी होगी। अधिकारियों को एक सुनियोजित प्लान बनाना होगा। इस बार हमने समय से अपने सेक्टर के नालों की सफाई करा ली तो पानी को निकासी में आसानी हुई।
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10 वर्षों में नहीं बना कोई मास्टर प्लान
जन जागृति संगठन के संयोजक एवं पूर्व जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य राम रतन गर्ग ने कहा प्रशासन की लापरवाही के कारण अंबाला शहर जलमग्न हो गया है। आर्य चौक से जगाधरी गेट और जगाधरी गेट से लेकर खन्ना पैलेस तक की सड़क और बस स्टैंड के पास और शुक्ल कुंड रोड सभी जगहों पर कई कई फुट पानी भरा हुआ था। 10 वर्ष के अंदर सरकार ने इतना पैसा अंबाला शहर के लिए भेजा लेकिन यहां के प्रशासन ने ना तो कोई अभी तक इन 10 सालों में कोई मास्टर प्लान बनाया और ना ही कोई बड़ी ड्रेनेज बड़े नाले बनाए जिससे बरसाती पानी बरसाती जलभराव को उन बड़े नालों के द्वारा शहर को खाली किया जाए।

नदी मोहल्ला फिर बना नदी
अंबाला शहर के नदी मोहल्ला में देर रात हुई बारिश से कई कई फुट जलभराव हो गया। पिछले 20 वर्षों से बारिश के समय यहां पर यही हाल होता है। लेकिन आज तक इसके लिए कोई मास्टर प्लान नहीं बन पाया है। जबकि इस क्षेत्र में करोड़ो रुपए खर्च किए जा चुके हैं। बुधवार रात को हुई बारिश लोग अपने घरों से बाहर भी निकल पा रहे थे। पार्षद मिथुन वर्मा ने बताया कि करीब 13 लाख रुपए की लागत से अंडरग्राउंड पाइप डलवाए गए थे। जिनकी बदौलत पानी निकालने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। दोपहर एक बजे तक जाकर पानी का स्तर कुछ कम हुआ।
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