ओरल हेल्थ पखवाड़े में बच्चों के दांतों को जांचते हुए चिकित्सक।
अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए ओरल हेल्थ पखवाड़े में देखने को मिला है कि अधिक मीठा और नर्म खाने के कारण 100 में से 40-50 बच्चों के दांत खराब हो रहे हैं। मीठे और नर्म पदार्थ न सिर्फ बच्चों के दांतों को खराब कर रहे हैं।
इसके साथ ही बच्चों के दांतों में टेढ़े-मेढ़े दांत आने की भी अधिक संभावना बनती है। इसके लिए विभाग की ओर से ओरल हेल्थ पखवाड़ा चलाया जाता है। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों को भी दांतों से जुड़ी समस्याओं के लिए परामर्श दिया जाता है। इसके साथ ही गर्भवतियों और माताओं को भी ओरल हेल्थ के बारे में जागरूक किया जाता है।
धूम्रपान भी बिगाड़ रहा दांतों की सेहत
पीएचसी समलेहड़ी में नियुक्त दंत चिकित्सक डॉ अमनिंद्र चहल ने बताया कि जो लोग धूम्रपान करते हैं। उन्हें दंत रोगों का अधिक खतरा होता है। धूम्रपान करने से दांतों पर केलकस जमा होता रहता है। यह धीरे-धीरे सख्त होकर टार्टर बन जाता है। इससे दांतों की हड्डियां जल्द ही दांत छोड़ना शुरू कर देती है। टार्टर को ब्रश से भी हटाया नहीं जा सकता है। इसलिए धूम्रपान नहीं करना चाहिए। इससे दांतों का स्वास्थ्य भी खराब न हो।
गर्भवतियों के लिए भी दांतों की सफाई जरूरी
गर्भवतियों के लिए दांतों की सफाई करना भी बहुत जरूरी है। बच्चे की सेहत मां के मुंह पर ही निर्भर करती है। मां का मुंह अगर स्वस्थ होगा तो बच्चे को भी सही आहार मिलेगा। अगर माता के मुंह की हालत खराब होती है तो बच्चे की सेहत पर भी असर होता है। इसलिए गर्भवतियों को भी अपने दांतों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
समय- समय पर चलाया जा रहा पखवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष ओरल हेल्थ पखवाड़ा समय- समय पर चलाया जाता है। इस दौरान स्कूलाें, आंगनबाड़ी और ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले बच्चों के दांतों की जांच की जाती है। इसके साथ ही बच्चों को ब्रश भी दिए जाते हैं।